31जनवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
गुन तुम्हार समुझइ निज दोसा।
जेहि सब भाँति तुम्हार भरोसा ।।
राम भगत प्रिय लागहिं जेही ।
तेहि उर बसहु सहित बैदेही ।।
( अयोध्याकाण्ड 130/2)
राम राम 🙏🙏
वन जाते हुए राम जी बाल्मीकि आश्रम आते हैं और बाल्मीकि जी से अपने रहने का स्थान पूछते हैं । बाल्मीकि जी कहते हैं कि जो गुणों को आपका और दोषों को अपना समझता है , जिसे सब प्रकार से आपका ही भरोसा है , जिसे राम भक्त प्यारे लगते हैं, उसके हृदय में सीता सहित आप निवास कीजिए ।
बाल्मीकि जी ने ऊपर जो जो बातें कही हैं उन्हें अपने ऊपर लागू करने का प्रयास करें और श्री सीताराम जी का सुखद सानिध्य पाएँ । अथ! सीताराम जय सीताराम, सीताराम जय सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

