18 फ़रवरी- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बंदउँ नाम राम रघुबर को ।
हेतु कृसानु भानु हिमकर को ।।
बिधि हरि हरमय बेद प्रान सो ।
अगुन अनूपम गुन निधान सो ।।
( बालकांड 18/1)
राम राम 🙏🙏
मानस जी के आरंभ में सबकी वंदना करने के बाद गोस्वामी जी श्री राम नाम की वंदना करते हुए कहते हैं कि मैं रघुनाथ जी के नाम ‘राम ‘की वंदना करता हूँ जो अग्नि, सूर्य और चंद्रमा का हेतु है , ब्रह्मा , विष्णु व शिव रूप है । यह राम नाम वेदों का प्राण है , निर्गुण, अनुपम एवं गुणों का भंडार है ।
श्री राम नाम संपूर्ण सृष्टि है , इसी में सबका वास है , गुणों का भंडार होने के कारण यह परम कल्याणकारी है । अतः राम नाम धारण कर अपना कल्याण कर लें । अथ ! भजन करिए करते रहिए…. “श्री राम जय राम जय जय राम सीताराम जय सीताराम, श्री राम जय राम जय जय राम सीताराम जय सीताराम” 🚩🚩🚩

