दैनिक देश की उपासना,
महाराष्ट्र/पालघर
धनन्जय विश्वकर्मा पत्रकार,
वसई विरार म.न.पा. क्षेत्र के वालिव में इको युवा वाहन चालक संघ के संरक्षक एकनाथ सुतार ने बताया कि शिवाजी को उनकी वीरता के लिए याद किया जाता है. छत्रपति शिवाजी ने मराठा साम्राज्य की स्थापना की थी। उन्होंने मुगलों के साथ लंबी लड़ाई लड़ी और शिवाजी ने दरबार में मराठी और संस्कृत भाषा को प्राथमिकता भी दी। विदेशी आक्रमण के बावजूद हिंदू रीति-रिवाज को संरक्षित रखा था।
योगेश मिश्रा ने कहा कि 19 फरवरी इतिहास में इसलिए खास है कि यह कई महान हस्तियों का जन्मदिन और निधन का दिन है। देश के महान शासक हुए छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म इसी तारीख को हुआ था। गुरिल्ला युद्ध शैली के जनक के तौर पर उनको जाना जाता है। वहीं इस दिन देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और सुधारक गोपाल कृष्ण गोखले का निधन हुआ था। नरम दल के नेता गोपाल कृष्ण गोखले गांधीजी के राजनीतिक गुरु थे।
विनोद मढ़वी ने बताया कि छत्रपती शिवाजी महाराज ने अपनी अनुशासित सेना एवं सुसंगठित प्रशासनिक इकाइयों कि सहायता से एक योग्य एवं प्रगतिशील प्रशासन प्रदान किया। उन्होंने समर-विद्या में अनेक नवाचार किए तथा छापामार युद्ध गुरिल्ला युद्ध की नयी शैली (शिवसूत्र) विकसित की। उन्होंने प्राचीन हिन्दू राजनीतिक प्रथाओं तथा दरबारी शिष्टाचारों को पुनर्जीवित किया और मराठी एवं संस्कृत को राजकाज की भाषा बनाया। वे भारतीय स्वाधीनता संग्राम में नायक के रूप में स्मरण किए जाने लगे। बाल गंगाधर तिलक ने राष्ट्रीयता की भावना के विकास के लिए शिवाजीराजे जन्मोत्सव की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में सभी लोगों की उपस्थिति में उन्होंने ने कहा कि महाराष्ट्र में रह रहे सभी लोगों को संदेश दिया कि सब एक देश के नागरिक है आपस में मिलजुल करके रहे। इस कार्यक्रम में एकनाथ सुतार, विनोद मढ़वी,मधुकर गिम्भल,दत्ता नानकर,कल्पेश मात्रा, योगेश मिश्रा, प्रेम कुमार, श्रीकान्त पावस्कर आदि लोग मौजूद रहे।
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