5 मार्च – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
द्वापर करि रघुपति पद पूजा ।
नर भव तरहिं उपाय न दूजा ।।
कलिजुग केवल हरि गुन गाहा ।
गावत नर पावहिं भव थाहा ।।
( उत्तरकांड 102/2)
राम राम 🙏🙏
गरुड़ महराज को राम कथा सुनाने के बाद काकभुसुंडि जी अपने पहले जन्म की कथा सुना रहें हैं । वे कहते हैं कि द्वापर में राम जी के चरणों की पूजा कर मानव संसार से तर जाता था , दूसरा कोई उपाय नहीं था । कलियुग में तो केवल श्रीहरि की गुणगाथाओं का गान कर मनुष्य भवसागर पार कर जाता है।
कलियुग में केवल हरि के गुणों का गान हर तरह का आराम प्रदान करता है । अत: राम गुणगान में लगें, संसार सागर आराम से पार हो जाएँगे । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

