सत्र में 12 महत्वपूर्ण कानूनों को मंजूरी दी गई – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
बिपिन गुप्ता/महाराष्ट्र
मुंबई, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार की शाम 26 मार्च को मुंबई विधान भवन में बजट सत्र समापन होने के बाद आयोजित पत्रकार कक्ष में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में कुल 12 महत्वपूर्ण कानून पारित किये गये और कार्यवाही औसतन प्रतिदिन 9 घंटे तक चली। राज्य के समक्ष उपस्थित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने चर्चा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और विपक्ष को भी अपने मुद्दे रखने का पूरा मौका दिया गया है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अतुल सावे और राज्य मंत्री आशीष जायसवाल उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री अजित पवार नहीं आये थे। बताया गया कि वह किसी काम से बाहर चले गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस सत्र में महत्वपूर्ण विधेयकों में माथाडी श्रम अधिनियम संशोधन विधेयक शामिल है और इस विधेयक के कारण फर्जी माथाडी और ब्लैकमेलिंग को रोकने का फैसला लिया गया है। महाराष्ट्र निजी सुरक्षा गार्ड विधेयक और विनियोग विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किये गये। इस सत्र में संविधान पर विशेष चर्चा हुई और वित्त मंत्री ने कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचा, रोजगार और सामाजिक विकास के पांच स्तंभों पर आधारित बजट पेश किया है, जो महाराष्ट्र के विकास को नई गति देगा। मुख्यमंत्री ने सत्र की सफलता के लिए सभी विधायकों, मंत्रियों, पीठासीन अधिकारियों, विधायी कर्मचारियों और मीडिया को धन्यवाद दिया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सभी कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखते हुए अर्थव्यवस्था को बिगड़ने से बचाते हुए बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री अजित पवार ने राज्य के 13 करोड़ लोगों के विकास को ध्यान में रखते हुए बहुत अच्छा बजट पेश किया। सरकार विकासात्मक एवं जनोन्मुखी परियोजनाएं क्रियान्वित कर रही है। हम राज्य चलाते समय किसानों, मजदूरों और श्रमिक वर्ग जैसे सभी कारकों पर विचार कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि एक ओर विकास परियोजनाओं और दूसरी ओर कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए हम आम आदमी को केंद्र बिंदु बनाकर काम कर रहे हैं। राज्य विदेशी निवेश बढ़ाने में भी अग्रणी है, दावोस में आयोजित सम्मेलन में 15 लाख करोड़ रुपये के समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। सिंगल विंडो योजना के तहत राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योगों को उद्योग – अनुकूल वातावरण बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्टार्टअप के मामले में हमारा राज्य शीर्ष पर है और हमारे राज्य पर अन्य राज्यों की तुलना में कर्ज भी कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 100 दिन का कार्य करने का लक्ष्य दिया था, जिसके अनुरूप सभी विभागों ने बेहतरीन कार्य किया है तथा कई विभागों ने लक्ष्य पूरा भी कर लिया है।

