10 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
प्रातकाल उठि कै रघुनाथा ।
मातु पिता गुरु नावहिं माथा ।।
आयसु मागि करहिं पुर काजा ।
देखि चरित हरषइ मन राजा ।।
( बालकांड 204/4)
राम राम🙏🙏
श्री राम जी के बालचरित का वर्णन करते हुए शिव जी कहते हैं कि सुबह उठकर श्री राम जी माता पिता और गुरु को प्रणाम करते हैं , आज्ञा लेकर नगर का काम करते हैं । उनके इस चरित्र को देखकर राजा दशरथ बड़े प्रसन्न होते हैं ।
भक्तों अपने श्रेष्ठ को नित अभिवादन करना व श्रेष्ठ की सहमति से अन्य कार्य करना यही रामत्व है । श्री राम धर्म का पालन कर हम अपने श्रेष्ठ को प्रसन्न रख सकते हैं। अतएव श्री राम धर्म का पालन करें। अतः धर्मपथ पर रहते हुए निरन्तर श्री सीताराम नाम का भजन करते रहिए अथ ! श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम ।। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम ।।
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

