श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

17 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

राम कथा गिरिजा मैं बरनी ।
कलि मल समनि मनोमल हरनी
संसृति रोग सजीवन मूरी ।
राम कथा गावहिं श्रुति सूरी।।
( उत्तरकांड। दो. 128/1)
राम राम 🙏🙏
श्री राम कथा पूर्ण करते हुए शिव जी कहते हैं कि हे गिरिजा! कलियुग के पापों का नाश करने वाली, मन के मल को दूर करने वाली श्री राम कथा मैंने आपको सुनाई । यह जन्म मरण रूपी रोग के लिए संजीवनी है, ऐसा वेद और विद्वान कहते हैं ।
भक्तों ! श्री रामकथा कलियुग के पापों को नष्ट करके हमें बचाती है, निर्मल बनाती है और मुक्ति दिलाती है, अतः जीवन को पापमुक्त व निर्मल व निष्कपट बनाने के लिए श्री रामकथा सुनें गुनें व हृदय पटल पर श्री सीताराम जी को सिंहासनासीन करें तथा श्री राम भजन निरन्तर करते रहें…… श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, सीताराम जय सीताराम । जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
संकलन तरूण जी लखनऊ
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