सिविल डिफेंस ने आपदा से बचाव हेतु आम नागरिकों को प्रशिक्षित किया
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ।
सिविल डिफेंस ने आपदा से बचाव हेतु आम नागरिकों को प्रशिक्षित करने के क्रम में सुल्तानपुर रोड़, गोमतीनगर ओमेक्स वर्ल्ड के ऋषिता मेनहट्टन और विभूतिखण्ड के एल्डिको एलिगेंस में बचाव हेतु प्रशिक्षण आम नागरिकों दिया गया जहां बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों को माकड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षित किए गए।
लखनऊ सिविल डिफेंस के चीफ़ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा ने कहा कि युद्ध हो या आपदा हो, दोनों के बचाव और हवाई हमले से होने वाली जन धन की क्षति को काम किया जा सकता है, पर यदि सही समय पर हवाई हमले की सूचना आम नागरिक को सायरन के माध्यम से प्राप्त हो जाती है, तो सावधान हो सकते है। यदि सायरन की आवाज दो मिनट तक लगातार ऊंची नीची आवाज में सुनाई दे, तो ये निश्चित जान ले हवाई हमला कुछ ही समय में होने वाला है। ऐसे में हर व्यक्ति को शरण लेना चाहिए। यदि आप खुले मैदान में है तो आपको तुरंत ही पेट के बल लेट जाना चाहिए और कमर से ऊपर का पार्ट जमीन से ऊपर उठाकर रखना चाहिए, आंख बंद कर ले और कान को हाथों से जोर से बंद कर ले और दांतों के बीच रुमाल को रख लें। इस प्रक्रिया से बम के प्रभाव से आपके शरीर के प्रमुख अंग दिल, आंख, कान, जीभ सुरक्षित रहते हैं। अगर आपदा से पूर्व जनमानस को प्रशिक्षित कर दे तो बड़ी संख्या में संभावित जन हानि से बचा जा सकता है। चीफ़ वार्डेन ने कहा हमला या आपदा के दौरान जलते हुए गैस सिलेंडर को बाहर निकालकर उसकी आग पर काबू पाना। घरों में लगी आग को बुझाने, घरों में फंसे लोगों का रेस्क्यू कर बचाओ कार्य और घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देना।
सिविल डिफेंस के डिप्टी चीफ वार्डेन गुरप्रीत सिंह सेठी, चीफ़ वार्डेन टू स्टॉफ ऑफिसर ऋतुराज रस्तोगी, वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक मनोज वर्मा, सहायक उपनियंत्रक ऋषि कुमार, डिविजनल वार्डेन सुनील कुमार शर्मा, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, मजीद अली खान, आशीष कपूर, राजेंद्र श्रीवास्तव, रामगोपाल सिंह, नफीस अहमद, राजेन्द्र वर्मा, अरविन्द मिश्रा, प्रदीप वर्मा, सुमित साहू, हसन मुर्तजा रिज़वी, दिनेश कश्यप, मयंक कुमार श्रीवास्तव, अखिलेश वर्मा, सूरज यादव, सिद्धान्त स्वरूप, आशीष कुमार, वारिश अली खान, रितेश शर्मा सहित वार्डेनों ने प्रतिभाग किया।

