24 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बहु दाम सँवारहिं धाम जती ।
बिषया हरि लीन्हि न रहि बिरती ।
तपसी धनवंत दरिद्र गृही ।
कलि कौतुक तात न जात कही।
( उत्तरकांड 100/छंद)
जय सियाराम 🙏
काकभुसुंडि जी गरुड़ जी को कलियुग के बारे में बता रहें हैं । वे कहते हैं कि कलियुग में संन्यासी लोग बहुत धन लगाकर अपना आवास सजाते हैं , उनमें वैराग्य नहीं रहा, उसे बिषयों ने हर लिया है । तपस्वी धनवान और गृहस्थ गरीब हो गए हैं । कलियुग की लीला कुछ कही नहीं जाती है ।
श्री सीताराम प्रेमियों, कलियुग की अकथनीय लीला से वही बच पाता है जिसे श्री राम जी की लीला पसंद है, जो श्री राम परायण है, उस पर कलियुग के किसी प्रकार का कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। अतः सदा श्री राम परायण रहें और निष्काम भाव से श्री सीताराम चरणों में ध्यान लगाकर निरन्तर श्री सीताराम नाम जप करते रहें….. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम जय सीताराम। राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम।
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संकलन तरूण जी लखनऊ

