11 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जासु पतित पावन बड़ बाना ।
गावहिं कबि श्रुति संत पुराना ।।
ताहि भजहि मन तजि कुटिलाई
राम भजें गति केहिं नहिं पाई ।।
( उत्तरकांड 129/4)
राम राम 🙏🙏
पतितों को पवित्र करना जिसका प्रसिद्ध गुण है , ऐसा वेद पुराण संत गाते हैं । अरे मन ! ऐसे राम जी को कुटिलता छोड़कर भज । राम जी को भजकर किसने परम गति नहीं पा ली है ।
आत्मीय जन, जिस जिस ने राम को भजा उसे परमगति मिल गई , हमें भी परमगति मिल सकती है , बस कुटिलता छोड़ कर राम जी को भजना होगा । अतएव सरल बनिए और श्री राम जी का नाम भजन करिए…., श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम सीताराम जय सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

