17 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जामवंत कह सुनु रघुराया ।
जा पर नाथ करहु तुम्ह दाया ।।
ताहि सदा सुभ कुशल निरंतर ।
सुर नर मुनि प्रसन्न ता ऊपर ।।
( सुंदरकाड 29/1)
जय सियाराम 🙏🙏
श्री हनुमान जी श्री सीता जी का पता लगाकर वापस आ गए हैं ।सुग्रीव सब कपियों के साथ श्री राम जी से मिलने आते हैं । श्री राम जी ने सबकी कुशल क्षेम पूछी है । जामवंत कहते हैं कि हे श्री राम जी ! उसी का सदा कल्याण व कुशल है जिस पर आप दया करते हैं तथा देवता , मनुष्य , मुनि सभी उस पर प्रसन्न रहते हैं ।
श्री सीताराम चरण प्रेमियों! श्री राम जी परम दयालु हैं , वे उसी पर दया करते हैं जो दूसरों पर दया करता है , दूसरों का भला करता है । अतः दूसरों पर दया व भलाई कर श्री राम जी की करुणा और दया की कृपा पाएँ । आइए इसके लिए सतत नाम भजन करते रहें….श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

