18 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जो आनंद सिंधु सुखरासी ।
सीकर तें त्रैलोक सुपासी ।।
सो सुखधाम राम अस नामा ।
अखिल लोक दायक बिश्रामा ।।
( बालकांड 196/3)
जय सियाराम 🙏🙏
परमपिता परमात्मा श्री दशरथ जी के घर प्रकट हुए हैं, कुछ दिनों बाद नामकरण के लिए राजा ने पूज्यपाद श्री वशिष्ठ जी को बुलाया है । श्री वशिष्ठ जी कहते हैं कि ये जो आनंद के सागर और सुख की राशि हैं , जिस आनंदसागर के एक एक कण से तीनों लोक सुखी हो जाते हैं, उनका नाम राम है , जो सुख के धाम व संपूर्ण जगत को शांति देने वाला है ।
आत्मीय जनों, श्री राम जी आनंद हैं , सुख हैं , शांति के सागर हैं । अपने जीवन में भी यही तत्व हम आप चाहते हैं । श्री राम जी को अपनाकर आनंद, सुख व शांति हम आप भी पा सकते हैं । अतः श्री राम जी को अपनाएँ और आनंद सुख शांति पाएँ । इसके लिये केवल नाम भजन को ही आधार बनाएं……. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम, सीताराम जय सीताराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

