15 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
नाथ भगति अति सुखदायनी ।
देहु कृपा करि अनपायनी।।
सुनि प्रभु परम सरल कपि बानी
एवमस्तु तब कहेउ भवानी ।।
( सुंदरकांड 33/1)
जय सियाराम 🙏🙏
श्री हनुमान जी श्री सीता जी का पता लगाकर लौट आए हैं , पूछने पर जो कुछ भी हनुमान जी ने किया था उसे श्री राम जी की अनुकूलता बताया। फिर श्री हनुमान जी ने श्री राम जी से अचल भक्ति देने का निवेदन किया जो अति सुख देने वाली है । हनुमान जी की परम सरल वाणी सुनकर श्री राम जी ने हाँ कर दिया ।
आत्मीय जनों ! श्री सीताराम जी की भक्ति अत्यंत सुखदाई है। यदि हम आप चाहते हैं कि हमारा सुख बना रहे, तोअचल भक्ति की कामना करें । प्रभु हमारे भाव जानते हैं, अचल भक्ति उसे ही देते हैं जो निष्काम भाव से हर पल श्री सीताराम जी के रूप गुण और लीला का चिन्तन करते रहते है तथा उनके युगल चरणों में सर्वस्व समर्पण भाव से मन को लगा कर नाम का निरन्तर भजन करते रहते हैं। अथ……श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

