एलटी ग्रेड शिक्षक पढ़ा रहे इंटर की वित्तविहीन कक्षायें

आर एल पाण्डेय
लखनऊ. सूबे की राजधानी से सटे बाराबंकी जनपद की फतेहपुर तहसील मुख्यालय में स्थित नेशनल इंटर कालेज के प्रबंधतंत्र ने वित्तविहीन इंटर की जीव विज्ञान व गृह विज्ञान की कक्षाओं के सैकड़ों छात्र – छात्राओं से फीस के नाम पर हर साल लाखों रुपये वसूले और मनमाने तरीके से खर्च कर डाले. प्रबंधतंत्र की इस वित्तीय अनियमितता को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों व छात्रों में खासा आक्रोश है.जिले के सबसे प्रतिष्ठित व करीब तीन हजार से अधिक छात्र छात्रों वाले इस अर्धसरकारी कालेज के आधाकारिक सूत्रों की मानें तो बीते लगभग 10 साल से प्रबंधक द्वारा गृह विज्ञान व जीव विज्ञान की वित्तविहीन कक्षाओं के करीब तीन सौ छात्र – छात्राओं से लाखों रुपये प्रति वर्ष वसूले जा रहे हैं. लेकिन इन छात्र छात्राओं को संबंधित विषय पढ़ाने के लिए न तो अलग से शिक्षक रखे गये और न ही इन छात्र छात्राओं के लिए अलग से प्रयोगशाला ही बनाई गयी. सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रबंधक ने प्रधानाचार्य पर दबाव बनाकर एलटी ग्रेड के शिक्षकों से ही वित्तविहीन विषयों के छात्र छात्रों को पठवाया. साथ ही सवित्त के शिक्षकों से कक्षा अध्यापक का कार्य भी कराया. बीते दो साल से महामारी कोरोना के संक्रमण के चलते विद्यालय करीब बंद रहा लेकिन वित्तविहीन कक्षाओं की फीस ली जाती रही. जिसको लेकर अभिभावकों में काफ़ी नाराजगी है.कालेज के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कक्षा अध्यापकों के जरिये जीव विज्ञान इंटर के हर छात्र व छात्रा से प्रति माह तीन सौ रुपये के हिसाब से 36 सौ रुपये सालाना और गृह विज्ञान की हर छात्रा से प्रति माह डेढ़ सौ के हिसाब से 18 सौ रुपये सालाना वसूल तो किये गये लेकिन उन्हें फीस के नाम पर लिये गये रुपयों की कोई रसीद नहीं दी गयी. संबंधित अभिभावकों व अन्य जागरूक लोगों का कहना है कि इस बाबत ज़ब भी प्रबंधक श्याम बिहारी वर्मा से बात करने का प्रयास किया जाता है तो वह अपने राजनीतिक रसूख का हवाला देते हुए भय का वातावरण बनाने लगते हैं.

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