एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत किसानों को मिलेगा लाभ
जौनपुर 24 जुलाई, 2025 (सू0वि0)- जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा ने अवगत कराया है कि एकीकृत बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत जनपद को विभिन्न कृषि गतिविधियों के लिए लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
इस योजना के तहत, जौनपुर जनपद में मखाना की खेती के लिए 2 हेक्टेयर, सिंघाड़ा के लिए 4 हेक्टेयर, ग्लेडियोलस (फूल) के लिए 5 हेक्टेयर, प्याज के लिए 50 हेक्टेयर, और मचान विधि से सब्जी की खेती के लिए 40 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, कृषि में आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए 25 हेक्टेयर में मल्चिंग और 20 एचपी तक के 2 ट्रैक्टरों के लिए भी अनुदान का लक्ष्य रखा गया है।
डॉ. राणा ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक किसान किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय आकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और दो पासपोर्ट आकार के फोटो साथ लाने होंगे।यह पहल जौनपुर के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और अपनी उपज में सुधार करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओ का लाभ ‘‘प्रथम आवक प्रथम पावक’’ के आधार पर दिया जायेगा। अधिक जानकारी के लिए, किसी भी कार्य दिवस में किसान जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, जौनपुर से संपर्क कर सकते हैं।
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जौनपुर 24 जुलाई, 2025 (सू0वि0)- जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में जिला ओटीडी सेल की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
बैठक में शासन के द्वारा राज्य की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर (ओटीडी) बनाए जाने के लिए जनपद स्तर पर किये जा रहे प्रयासों निवेश संवर्धन, अवस्थापना सुविधाओं का विकास, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा, विनिर्माण, स्टार्ट-अप और कृषि एवं संवर्गीय सेवाएं आदि विभिन्न क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। इसके लिए जिलाधिकारी ने इस सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया और कहा कि वन ट्रिलियन सेल शासन की महत्वपूर्ण योजना है। मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन बनाने हेतु 2029 तक लक्ष्य रखा गया है।
ओटीडी सेल द्वारा नियमित समीक्षा के लिए प्रमुख इंडिकेटर है- प्राथमिक खंड (कृषि, पशुधन, वानिकी एवं मत्स्यन) द्वितीयक खंड (विनिर्माण, विद्युत, गैस तथा निर्माण), तृतीयक खंड (व्यापार, होटल, परिवहन,वित्तीय सेवाएं आदि) है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित योजना तैयार किए जाने तथा निर्गत निर्देशों/उपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए विभाग से नियमित समीक्षा करने को कहा। कहा कि इसके लक्ष्य, सुझाव एवं रणनीतियां तैयार करने की कार्रवाई करें। सभी अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्यवाही करते हुए प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी को अगली बैठक से पूर्व आवश्यक तैयारियों को पूर्ण करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाडिया, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ0 अरुण यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

