10 अगस्त- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बहु बिधि कर बिलाप जानकी ।
करि करि सुरति कृपानिधान की
कह त्रिजटा सुनु राजकुमारी ।
उर सर लागत मरइ सुरारी ।।
( लंकाकांड 98/6)
राम राम आत्मीय जन🙏
जब श्री राम जी के तीस बाण मारने पर रावण नहीं मरता है तब उसी रात त्रिजटा माता सीता जी के पास आती हैं और उन्हें सब कुछ बताती हैं । यह सुनकर श्री राम जी का स्मरण करते हुए माता सीता जी विलाप करती हैं । त्रिजटा उन्हें समझाते हुए कहती हैं कि राजकुमारी जी धैर्य रखिए, रावण के उर में वाण लगते ही मर जाएगा ।
श्री सीताराम जी के प्रेमी जन ! रावण के हृदय में बाण लगते ही मर जाएगा , इसी तरह हमारे भी हृदय में यदि श्री राम बाण लग जाए तो हमारे अंदर का भी रावण मर जाएगा और हमें अपने दुर्गुणों से छुटकारा मिल जाएगा। अतः राम स्मरण करते रहें और निष्पाप बनें। अथ….श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

