19 अगस्त- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सुनि सीता दुख प्रभु सुख अयना
भरि आए जल राजिव नयना ।।
बचन कायँ मन मम गति जाही
सपनेहुँ बूझिअ बिपति कि ताही
( सुंदरकांड 31/1)
जय सियाराम🙏🙏
श्री हनुमान जी माता सीता जी का पता लगा कर वापस आ गये हैं , उन्होंने माता सीता जी के दुःख को श्री राम जी से बताया है। सुखधाम श्री राम जी सुनकर दुखी होते हैं । वे श्री हनुमान जी से कहते हैं कि मन, वचन व कर्म से जो मुझमें लगा हुआ है, भला उसे स्वप्न में भी विपत्ति नहीं पड़ सकती है ।
आत्मीय जन ! श्री राम जी की भक्ति में मन, वचन व कर्म से लगिए और अपने जीवन को सर्वविध विपत्ति से दूर रखिए। कभी स्वप्न में भी विपत्ति की छाया तक नहीं दिखाई पड़ेगी, क्योंकि यह श्री सीताराम जी की प्रतिज्ञा है। युगल चरणों में भक्ति बढ़ाने के लिए सदैव नाम भजन करते रहिए। अथ…… श्रीराम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

