01 सितम्बर-श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
तरहिं न बिनु सेएँ मम स्वामी ।
राम नमामि नमामि नमामी ।।
सरन गएँ मो से अघ रासी ।
होहिं सुद्ध नमामि अबिनासी ।।
( उत्तरकांड 123/4)
राम राम 🙏🙏
गरुड़ महराज को अपने पूर्व जन्म की कथा सुनाने के बाद काकभुसुंडि जी कहते हैं कि जगत में जितने भी संत , मुनि , साधक , ज्ञानी आदि हैं वे सभी मेरे स्वामी राम जी का भजन किए बिना तर नहीं सकते हैं । उनकी शरण में जाने पर मुझ जैसे पापराशि भी शुद्ध हो जाते हैं, ऐसे श्री राम जी को मैं नमन करता हूँ , बारम्बार नमन करता हूँ ।
आत्मीय जनों ! श्री राम भजन तारता है , शुद्ध करता है , हमारे अवगुणों को हमसे छुड़ाता है । हम आप भी तो शुद्ध व मुक्त होना चाहते हैं, तो बिना विलम्ब किये श्री सीताराम नाम का भजन चिन्तन आरंभ कर दें । अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

