25 सितंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
देखत बन सर सैल सुहाए।
बालमीकि आश्रम प्रभु आए।।
राम दीख मुनि बासु सुहावन ।
सुंदर गिरि काननु जलु पावन ।।
( अयोध्याकाण्ड 123/3)
राम राम🙏🙏
श्री भरद्वाज मुनि से मिलकर श्री राम जी आगे चलते हैं और सुंदर वन , तालाब, व पर्वत देखते हुए प्रभु बाल्मीकि जी के आश्रम आते हैं। श्री राम जी ने देखा कि मुनि का निवास स्थान बहुत सुंदर है जहाँ सुंदर पर्वत, वन और पवित्र जल है ।
प्रियजनों ! सीधी और सरल सी बात है कि ऋषि बाल्मीकि जी भगवान के भजन में, भगवत चिंतन में लगे रहते हैं। हमारा आपका निवास स्थान सुंदर, उसके आस पास का वातावरण एवं अन्य चीजें भी सुहानी हो जाएगी यदि हम आप भी अपने घर में श्री सीताराम गुणगान करने में लग जाएंगे। अतः विचार करें और श्री सीताराम गुणगान और भजन में लगें । अथ…. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। संकलन तरुण जी लखनऊ
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