श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

20अक्टूबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

प्रभु अग्या धरि सीस
चरन बंदि अंगद उठेउ ।
सोइ गुन सागर ईस
राम कृपा जा पर करहु ।।
( लंकाकांड ,सो. 17क )
राम राम जी 🙏🙏
नल व नील द्वारा सेतु तैयार करने पर श्री राम जी की सेना सागर पार चली जाती है। श्री राम जी सबसे पूछते हैं कि आगे क्या किया जाए। जामवंत ने कहा कि अंगद को दूत बनाकर भेजा जाए। जामवंत की बात सबको अच्छी लगी है। श्री राम जी ने अंगद को लंका जाने के लिए कहा है।अंगद श्री राम जी की आज्ञा मानते हुए उनकी चरण वंदना करते हुए कहते हैं कि श्री राम जी जिस पर आप कृपा कर देते हैं वह गुणों का सागर हो जाता है ।
बंधुवर ! श्री राम जी जिस पर कृपा करते हैं वह गुणों का सागर हो जाता है, इसके लिए हमें अपने में श्री सीताराम भक्ति की योग्यता तो विकसित करने पड़ेगी। श्री राम जी की सेवा व श्री सीताराम नाम का सुमिरन, श्री राम कृपा पाने में हमारी मदद कर सकता है । अतः निश्छल भाव से श्री राम नाम सुमिरन करते हुए श्री राम जी की सेवा में लगें व राम कृपा पाने की प्रतीक्षा करें। अथ……श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

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