श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

29 नवंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सुनु रावन परिहरि चतुराई ।
भजसि न कृपासिंधु रघुराई।।
जौं खल भएसि राम कर द्रोही ।
ब्रह्म रूद्र सक राखि न तोही ।।
( लंकाकांड 26/1)
राम राम जी🙏🙏
अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में उसे समझाने के लिए भेजा गया है । अंगद जाकर रावण को उसकी वास्तविकता तथा श्री राम जी की बड़ाई करते हैं । रावण अपनी बड़ाई करता है और श्री राम जी के लिए दुर्वचन बोलता है । अंगद कहते हैं कि हे रावण सुन ! तू चतुराई छोड़कर कृपा के सागर श्री राम जी का भजन कर ले । यदि तुमने श्री राम जी से वैर किया तो ब्रह्मा और रूद्र भी तुम्हें नहीं बचा सकेंगे ।
आत्मीय जन ! भजन करें तो चतुरता जाती है , हम भजन करते नहीं हैं इसीलिए विरोध कर नष्ट हो जाते हैं । अस्तु! अपने को नष्ट होने से बचाना चाहते हैं तो भजन करें , चतुरता आदि सब बुराइयाँ छूट जाएगी । अथ…. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *