श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

01 दिसंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

अवसि चलिअ बन रामु जहँ,
भरत मंत्रु भल कीन्ह ।
सोक सिंधु बूडत सबहि,
तुम्ह अवलंबनु दीन्ह ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो. 184)
जय सियाराम 🙏
श्री दशरथ जी के परलोक गमन पर श्री भरत जी बुलाये जाते हैं, गुरुदेव वशिष्ठ जी उन्हें अयोध्या का राज सम्हालने को कहते हैं । श्री भरत जी कहते हैं कि बिना श्री राम दर्शन के मेरे हृदय को शांति नहीं मिलेगी, मैं जाकर विनती करूँगा जिससे श्री राम जी अयोध्या लौट आवें । सबको श्री भरत जी की बात अच्छी लगती है । सबने कहा कि हे भरत जी ! आपने अच्छा सोचा है, वन को अवश्य चलिए, जहाँ श्री राम हैं , शोक के सागर में डूबते लोगों को आपने सहारा दे दिया ।
बंधुवर ! चाहें आप शोक में हो या शोक रहित हो , श्री राम शरण सबसे बड़ा सहारा है, अतः सदा श्री राम शरण में रहें और निरन्तर श्री सीताराम नाम का भजन करते रहें । अस्तु….श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

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