3 जनवरी—श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सिव बिरंचि कहुँ मोहइ,
को है बपुरा आन ।
अस जियँ जानि भजहिं मुनि,
माया पति भगवान ।।
( उत्तरकांड, दो. 62)
गरुड़ जी को मोह हो गया है , नारद जी ने उन्हें ब्रह्मा जी और ब्रह्मा जी ने उन्हें शिव जी के पास मोह निवारण के लिए भेजा है। शिव जी कहते हैं कि भगवान की माया अत्यंत प्रबल है , यह मुझे व ब्रह्मा जी को भी मोहित कर देती है तो दूसरा क्या कर सकता है । ऐसा जानकर मुनि जन माया के स्वामी भगवान श्री सीताराम जी का भजन करते हैं ।
आत्मीय जन ! माया से मुक्ति तो केवल माया पति ही दिला सकते हैं । हम आप माया युक्त हैं जबकि माया मुक्त तो केवल भगवान हैं । भगवत भजन ही माया को निष्प्रभावी कर देता है। अतः भजें…. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

