जौनपुर में हिंदू सम्मेलन आयोजित, आरएसएस शताब्दी वर्ष पर चर्चा
वक्ताओं ने जातीय भेदभाव खत्म कर भारत को विश्व गुरु बनाने का आह्वान किया
जौनपुर ,05 जनवरी।यूपी के जौनपुर में मंडल कल्याणपुर स्थित सिंगुलपुर प्रांगण में सोमवार को एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य वक्ता डॉ. आशुतोष मिश्र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में चलाए जा रहे ‘पंच परिवर्तन’ कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी, जिसका उद्देश्य समाज में सनातनियों को जागरूक और संगठित करना है।
डॉ. मिश्र ने कहा कि जब तक हिंदू सनातनी असंगठित रहेंगे, तब तक पुलवामा जैसी घटनाएं घटित होती रहेंगी। उन्होंने जोर दिया कि जातीय भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने पर ही भारत पुनः विश्व गुरु बन सकेगा। उन्होंने बताया कि ‘पंच परिवर्तन’ के तहत लोगों की आपसी जातीय दूरियां खत्म कर उन्हें एक परिवार की तरह जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
संत प्रेम नाथ पाठक ने राष्ट्र हित, समाज हित और संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सदैव प्रेरणा प्रदान करते हैं।
विशिष्ट अतिथि बबिता सिंह ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को सभी कार्यों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए, ताकि वे समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
सम्मेलन की अध्यक्षता श्रीराम जन्म सिंह ने की, जिन्होंने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश चंद्र जायसवाल ने किया। इस अवसर पर खंड कार्यवाह सिरकोनी हर्ष सिंह, शताब्दी विस्तारक अखिलेश जी, सतेंद्र जी, प्रधान फेरु राम जी सहित कई हिंदू जनमानस उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने सभी स्वयंसेवकों से सनातनियों को संगठित करने के साथ ही वृक्षारोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहयोग करने का आह्वान भी किया।

