यूजीसी की नीतियों के विरोध में पत्रकारों ने प्रदर्शन कर एसडीएम के माध्यम से सौंपा ज्ञापन
(राजन तिवारी संवाददाता अयोध्या धाम)
अयोध्या।देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नीतियों एवं प्रस्तावों के विरोध में मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन, अयोध्या के तत्वावधान में पत्रकारों ने तहसील परिसर मिल्कीपुर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर सुधीर कुमार को सौंपा।ज्ञापन में यूजीसी द्वारा लागू एवं प्रस्तावित नीतियों को शिक्षा की स्वायत्तता, गुणवत्ता और समान अवसरों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इन पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की गई है।इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। यदि उच्च शिक्षा को प्रयोगों का मैदान बनाया गया तो इसका दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।यूजीसी की वर्तमान नीतियाँ छात्रों और शिक्षकों दोनों के भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं।वरिष्ठ पत्रकार नरसिंह ने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण लोकतंत्र को कमजोर करता है। आज यदि हम नहीं बोले तो कल शिक्षा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित रह जाएगी। संगठन के जिला महामंत्री रमा निवास पाण्डेय ने कहा कि बिना व्यापक संवाद के लिए गए फैसले अविश्वास को जन्म देते हैं। शिक्षा से जुड़े किसी भी निर्णय में शिक्षकों, छात्रों और विशेषज्ञों की भागीदारी अनिवार्य होनी चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार विजय पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि यूजीसी के वर्तमान निर्णयों से देशभर में असमंजस की स्थिति है। पारदर्शिता के अभाव में लागू नियम शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं।मिल्कीपुर तहसील अध्यक्ष वेदप्रकाश तिवारी ने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं। जब शिक्षा पर संकट आए तो पत्रकारों का मुखर होना ही लोकतंत्र की रक्षा है।संगठन के मंडलीय पदाधिकारी पत्रकार दिनेश जायसवाल ने कहा कि इन नीतियों का सबसे अधिक असर ग्रामीण और साधनविहीन विद्यार्थियों पर पड़ेगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं देवराज मिश्र ने कहा कि शिक्षा को लाभ का साधन नहीं बल्कि सेवा का क्षेत्र बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि यूजीसी की विवादित नीतियों पर रोक लगाते हुए व्यापक विमर्श के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समानता और स्वायत्तता सुरक्षित रह सके।यह ज्ञापन 27 जनवरी 2026 को मिल्कीपुर एसडीएम सुधीर कुमार को सौंपा गया। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने के नाते इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेंगे और राष्ट्रहित में उचित दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे।इस मौके पर वेद प्रकाश तिवारी, नरसिंह , विनय गुप्ता, देवराज मिश्र, राहुल पाण्डेय, सूरज कौशल, सत्यनारायण तिवारी, उमाशंकर तिवारी, सुनील तिवारी, राकेश मिश्रा, दिनेश जायसवाल, राजेश तिवारी, वेदप्रकाश मिश्र, शिव कुमार पाण्डेय, राहुल पाण्डेय, सर्वेश पाण्डेय, सुनील दुबे, अधिवक्ता अमित कुमार मिश्र सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में शिक्षा विरोधी निर्णयों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

