वरिष्ठ शिक्षाविद् व गणित शिक्षक डॉ. ब्रज किशोर सिंह का निधन
झंझारपुर (मधुबनी)/वाराणसी।
बी.वाई. जनता हाई स्कूल (बालेश्वर यादव +2 उच्च विद्यालय), पहराजस्थान, खैरा के पूर्व प्रधानाध्यापक एवं वरिष्ठ गणित शिक्षक डॉ. ब्रज किशोर सिंह का 30 जनवरी 2026 को वाराणसी में निधन हो गया। वे सेवानिवृत्त थे और अपने पुत्रों के साथ वाराणसी में रह रहे थे। उनके निधन पर बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों से शिक्षाविदों और पूर्व छात्रों ने शोक व्यक्त किया है।
डॉ. सिंह ने दिसंबर 1980 से जुलाई 2014 तक विद्यालय में सेवाएँ दीं। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शैक्षणिक मानकों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। सहयोगियों और विद्यार्थियों के अनुसार वे अनुशासनप्रिय शिक्षक थे, जो करुणा के साथ अध्यापन करते थे। गणित जैसे विषय को सरल बनाने के साथ-साथ उन्होंने विद्यार्थियों में सत्यनिष्ठा, आत्मसम्मान और परिश्रम जैसे मूल्यों का संस्कार किया। उनके अनेक शिष्य आज प्रशासन, शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र में देश-विदेश में कार्यरत हैं।
डॉ. सिंह के शिष्यों में डॉ बीरबल झा प्रमुख हैं, जिन्हें “यंगेस्ट लिविंग लेजेंड ऑफ़ मिथिला” के रूप में जाना जाता है। डॉ बीरबल झा ब्रिटिश लिंगुआ के संस्थापक हैं—संचार कौशल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था—और वे 30 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके विद्यार्थियों का निर्माण डॉ. सिंह के दीर्घकालिक शैक्षिक योगदान का प्रमाण है। श्रद्धांजलि देते हुए डॉ बीरबल झा ने कहा,
“वे केवल शिक्षक नहीं, चरित्र-निर्माता थे। सही सोच, सही बोल और सही आचरण का पाठ उन्होंने हमें पढ़ाया।”
डॉ. ब्रज किशोर सिंह का अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। वे पत्नी, पुत्रों, बहुओं, पुत्री और नाती-पोतों से युक्त भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पैतृक गाँव खैरा तिलई स्थित विद्यालय परिसर में आयोजित शोकसभा में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिक्षाविदों ने डॉ. ब्रज किशोर सिंह के निधन को मूल्य-आधारित शिक्षा परंपरा के लिए बड़ी क्षति बताया। उनका योगदान ग्रामीण भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के रूप में याद रखा जाएगा।

