फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं लाभकारी सिद्ध होगा

फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं लाभकारी सिद्ध होगा

 

लखनऊ। श्री शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, लखनऊ द्वारा “भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य: प्राचीन जड़ें, आधुनिक प्रभाव” विषय पर एक सप्ताह-व्यापी फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित प्राचीन अवधारणाओं को समझना, उनके आधुनिक संदर्भों का विश्लेषण करना तथा अकादमिक एवं शोध कार्यों में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंतर्गत त्रिपुरा विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के प्राणी विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ को रिसोर्स पर्सन एवं मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। उनके व्याख्यानों के माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय ज्ञान प्रणाली और सार्वजनिक स्वास्थ्य के पारस्परिक संबंधों पर गहन एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।

एफडीपी के दौरान भारतीय ज्ञान प्रणाली, आयुष, पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियाँ, पर्यावरणीय स्वास्थ्य तथा समकालीन सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवाद सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में डॉ. लक्ष्मी शंकर अवस्थी, डीन (एकेडमिक्स), लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ तथा डॉ. आनंद कुमार राय, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग, लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़, लखनऊ ने भी विशिष्ट वक्ता के रूप में सहभागिता की।

कार्यक्रम के आयोजक डॉ. विवेक मिश्रा, डीन (एकेडमिक्स), श्री शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, लखनऊ ने विश्वास व्यक्त किया कि यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं लाभकारी सिद्ध होगा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को समकालीन शिक्षा एवं शोध से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका

निभाएगा।

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