गो स्पिरिचुअल ने वैलेंटाइन डे पर शुरू किया “ गो स्पिरिचुअल लव ” अभियान — सच्चे आध्यात्मिक प्रेम का संदेश
मुंबई: वैलेंटाइन डे के अवसर पर, आध्यात्मिकता, मानसिक स्वास्थ्य, समग्र जीवनशैली और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए कार्य करने वाले अग्रणी आध्यात्मिक एवं वेलनेस संगठन गो स्पिरिचुअल ने अपना विशेष अभियान “गो स्पिरिचुअल लव” शुरू किया है। यह अभियान प्रेम के वास्तविक अर्थ को समझाने और समाज में बढ़ती उस खतरनाक प्रवृत्ति को चुनौती देने के लिए शुरू किया गया है, जिसमें वासना, स्वार्थ और आवेग को प्रेम का नाम देकर रिश्तों को नष्ट किया जा रहा है।
गो स्पिरिचुअल का मानना है कि सच्चा प्रेम केवल आकर्षण या भावनात्मक उत्तेजना नहीं, बल्कि एक गहरी, पवित्र और आत्मिक अनुभूति है। यह प्रेम निस्वार्थ होता है, स्थायी होता है और जीवन को संभालता, जोड़ता और बेहतर बनाता है। लेकिन आज समाज में जिस चीज़ को अक्सर प्रेम कहा जा रहा है, वह कई बार सिर्फ क्षणिक इच्छा, ईर्ष्या, अधिकार भावना या असंतुलित भावनाओं का परिणाम होता है। यही भ्रम कई बार हिंसा, अपराध और टूटते परिवारों की वजह बन रहा
पिछले कुछ वर्षों में भारत में रिश्तों से जुड़े अपराधों में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है। कई घटनाओं में विवाहेतर संबंध, अस्वीकार किया गया प्रेम, शक या बेवफाई के कारण लोग हत्या जैसे गंभीर अपराध तक कर रहे हैं। मेघालय में चर्चित हनीमून हत्या कांड, मेरठ की दर्दनाक हत्या की घटना और देशभर में सामने आने वाले ऐसे अनेक मामले यह दिखाते हैं कि जिसे लोग प्रेम या जुनून समझते हैं, वह कई बार सिर्फ वासना, गुस्सा या आवेग का परिणाम होता है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आँकड़े भी इस चिंता को और गंभीर बनाते हैं। इनके अनुसार रिश्तों से जुड़े विवाद, विश्वासघात और तथाकथित “क्राइम ऑफ पैशन” से जुड़े अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें कई बार लोगों की जान चली जाती है और परिवार हमेशा के लिए बिखर जाते हैं।
इन घटनाओं का प्रभाव केवल किसी एक, कपल , पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता। जब रिश्ते टूटते हैं, तो पूरा परिवार प्रभावित होता है। बच्चों के जीवन पर इसका सबसे गहरा असर पड़ता है। वे असुरक्षा, भय और भावनात्मक तनाव का सामना करते हैं। कई बच्चों में चिंता, अवसाद और रिश्तों के प्रति भ्रम पैदा हो जाता है। भारतीय समाज, जो परिवार की एकता, विश्वास और नैतिक मूल्यों पर आधारित है, ऐसे घटनाक्रमों से धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। निस्वार्थ प्रेम, निष्ठा और जिम्मेदारी जैसे मूल मूल्य, जो हमारी संस्कृति की पहचान रहे हैं, वे स्वार्थ और आवेग के सामने पीछे छूटते जा रहे हैं।
गो स्पिरिचुअल के संस्थापक सोनू त्यागी, जो अप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप के भी संस्थापक हैं, ने कहा कि सच्चा प्रेम हमेशा जीवन को संभालता है, टूटने से बचाता है और उपचार करता है। उनके अनुसार आज समाज में जिस चीज़ को प्रेम समझ लिया गया है, वह कई बार केवल वासना या असंतुलित इच्छा होती है, जो अंततः दुख और विनाश का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि “गो स्पिरिचुअल लव” अभियान लोगों को जागरूक करने, सच्चे प्रेम और विनाशकारी इच्छा के बीच अंतर समझाने और परिवारों की पवित्रता को फिर से मजबूत करने का प्रयास है।
यह अभियान केवल एक संदेश नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक जागरूकता आंदोलन है। इसका उद्देश्य लोगों को अपने भीतर झाँकने, भावनात्मक संतुलन विकसित करने और रिश्तों को जिम्मेदारी, सम्मान और आध्यात्मिक समझ के साथ जीने के लिए प्रेरित करना है। संगठन का विश्वास है कि जब प्रेम में जागरूकता, संयम और आत्मिक समझ होगी, तभी
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