भूमि विवाद मे धरती खून से हो रही लाल,तहसील दिवस व थाना दिवस के कार्य शैली पर उठ रहा सवाल
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।जिले में भूमि विवाद के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।देखा जाए तो सबसे अधिक विवाद भूमि विवाद के चलते हो रही है।रविवार को शाम होली पर जहां एक तरफ खुद एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर विभिन्न थाना क्षेत्र में जाकर पैदल गस्त कर रहे हैं और लोगों से शांति पूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील किया और अराजक तत्वों को सचेत किया।लेकिन इसके बावजूद लगातार दो दिन रविवार और सोमवार को लगातार भूमि विवाद के मामलों ने पुलिस प्रशासन के कार्य शैली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। बताते चले अभी रविवार को खाना गोसाईगंज क्षेत्र में भूमि विवाद के चलते कोई फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।वही एक दिन पहले शाम को एसएसपी के लाख समझाने के बावजूद थाना पूरा कलंदर क्षेत्र के कंदैला गाँव में आज जमीनी विवाद मे आगजनी की घटना हो गया।इस विवाद में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। जिसमें से तीन लोगो दशा गंभीर होने के चलते उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया।इस विवाद में दो बाइकों को आपके हवाले कर दिया।देखा जाए तो शासन की प्रथम प्राथमिकता तहसील दिवस व थाना दिवस के आयोजन में अधिक से अधिक समस्याओं का समाधान कर उनका निराकरण करना है।लेकिन जिले में हो रही लगातार विवाद का मुख्य कारण जमीनी विवाद है। क्या ते सवाल यह उठाते हैं क्या तहसील दिवस में खासकर जमीन विवाद का हल नहीं निकाला जा रहा है।जिले मे भूमि विवाद सुलझाने के लिए संचालित हो रहे सालों से थाना व तहसील दिवस बेमानी साबित हो रहे हैं।भूमि विवाद में मारपीट होना आम बात है उत्व तो खुलेआम कत्ल भी हो रहे हैं।भूमि विवाद को सुलझाने में पुलिस व राजस्व विभाग क्यों नहीं सफल हो रहा है।इसका कारण अब शासन प्रशासन को खोजना होगा।महीने में दो बार तहसील दिवस तो दो बार थाना दिवस के अलावा मंगलवार को समाधान दिवस भी कुछ खास प्रभाव नहीं डाल रहा है।आए दिन भूमि विवाद में हत्याएं होना अब आम बात हो गई है।एक दिन दिन पूर्व गोशाईगंज में भूमि विवाद में व्यक्ति की फायरिंग मे मौत व आज थाना पूराकलंदर क्षेत्र मे भूमि विवाद की घटना हुई।यही नहीं इससे पूर्व भी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कई वारदातें हो चुकी है, पुलिस घटना के बाद नामजद लोगों को तो जेल पहुंचा देती है लेकिन भूमि विवाद में कतल और मारपीट न हो इसके लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर पा रही है।देखा जाये तो पुलिस केवल शांति भंग की धारा में चालान करती है या पाबंद करती है जो दबंगों पर कोई असर नहीं डालती है।पिछले दिनो भूमि विवाद में कई गंभीर मारपीट व हत्याएं हो चुकी है।आखिर कौन सा कारण है कि भूमि विवाद का मामला पुलिस और प्रशासन ईमानदारी से निपटा क्यों नही पाता है।बार-बार भूमि विवाद की शिकायतें क्यों आती है, तहसील दिवस और थाना दिवस में भूमि विवाद संबन्धी मामले में पुलिस व राजस्व टीम बनाने का नियम है वह कितनी बार बनती है उसका निर्णय क्या होता है इसकी कभी भी कोई अधिकारी समीक्षा नही करता है,जिसके कारण रिपोर्ट भी मनमानी लगाई जाती है।

