मेरा सपना

मेरा सपना

 

दिव्या

कक्षा 9वीं

सुराग, उत्तराखंड

 

मैं भी बनना चाहती हूं एक डॉक्टर,

करना चाहती हूँ समाज की सेवा,

सारे दुख और बीमारियाँ होंगी दूर,

करना चाहती हूँ हर एक का इलाज,

अगर होगा हर लड़की सपना पूरा,

तभी तो देश बनेगा लाजवाब,

इस महिला दिवस अब ये काम करूंगी,

मैं डॉक्टर बनकर समाज की

सेवा करूंगी।।

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