अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शहीद भगत सिंह ट्रस्ट ने भव्य कार्यक्रम आयोजित कर 64 महिलाओं को ‘स्वयंसिद्धा सम्मान’ से किया सम्मानित
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पर शहीद भगत सिंह ट्रस्ट ने आभा होटल, मोतीबाग में एक प्रेरणादायी एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित कर ‘स्वयंसिद्धा सम्मान’ का सफल आयोजन किया।इस मौके पर ‘नई सदी – नई स्त्री – नई संभावनाएं’ विषयक संगोष्ठी के आयोजन के साथ इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक, चिकित्सकीय, कानूनी एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में योगदान को सम्मानित करना तथा नई स्त्री के लिए संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना था।कार्यक्रम मे लगभग 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।इनमें महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, चिकित्सक, वकील एवं स्थानीय बुद्धिजीवी शामिल थे।समारोह का शुभारंभ युवा संगीतज्ञ रमा वर्मा के बांसुरी वादन से हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉ. निशात अख़्तर सेवानिवृत वैज्ञानिक एन.डी.कृ.वि.वि., कुमारगंज,किया।मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पूनम सूद एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सुल्तानपुर से आई शिक्षिका ममता सिंह उपस्थित रहीं।अध्यक्षता करते हुए डॉ. निशात अख़्तर ने कहा कि स्त्री आंदोलन के भारतीय संदर्भ अलग हैं क्योंकि हमारी सामाजिक व्यवस्था भिन्न है।उन्होंने कहा कि आधुनिक स्त्री को स्वतंत्रता और अराजक स्वच्छंदता के सूक्ष्म अंतर को समझना चाहिए और संगठित होकर बराबरी और न्याय के लिए संघर्ष करना चाहिए।विशिष्ट अतिथि ममता सिंह ने कहा कि यह दिन पुरुषों के विरोध का नहीं बल्कि साथ मिलकर आगे बढ़ने का दिन है और इस बात को रेखांकित करने का दिन है कि यदि आज एक स्त्री बोल रही है तो उसके पीछे एक लंबा संघर्ष है।उन्होंने कहा कि स्त्री को देवी आदि परंपरागत छवियों से मुक्त कर सामान्य मनुष्य के रूप में देखना और समानता के अवसर प्रदान करना अधिक आवश्यक है। मुख्य अतिथि पूनम सूद ने कहा कि यह आवश्यक है कि महिलाएँ नए समय की चुनौतियों को समझें और उनका सामना करें।उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में महिलाओं को पुरुषों के साथ मिलकर नए समाज के निर्माण की ओर अग्रसर होना चाहिए।इससे पहले कवि और प्राध्यापक डॉ विशाल श्रीवास्तव ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि नारीवादी आंदोलन के लंबे इतिहास में गर्भधारण और मतदान के अधिकार से आगे बढ़ते हुए आज वित्तीय और राजनैतिक अधिकारों की मांग महत्वपूर्ण रूप से सामने है। उन्होंने आधुनिक समय में स्त्रीवाद की जटिलताओं और समस्याओं पर बात करते हुए कहा कि आज तकनीक, वैश्वीकरण और बाज़ारवाद के दौर में स्त्रीवाद के सामने अलग तरह की चुनौतियाँ मौजूद हैं।वही नाज़िश फातिमा ने समाज में अल्पसंख्यक स्त्री की चुनौतियों पर बात करते हुए कहा कि वित्तीय स्वतंत्रता का प्रश्न अत्यंत संवेदनशील है।वही ट्रस्ट की सचिव साधना सिंह ने आयोजन का संयोजन किया,जबकि वरिष्ठ शायर मुजम्मिल फिदा ने अपनी काव्यात्मक शैली से संचालन किया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई, जिसमें स्मृति चिह्न एवं बैच अलंकरण प्रदान किए गए।इस मौके पर ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह ने ट्रस्ट का संक्षिप्त परिचय देते हुए स्वागत भाषण दिया, जिसमें शहीद भगत सिंह के आदर्शों से प्रेरित होने वाली महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया गया। उन्होंने डिजिटल युग में महिलाओं की शिक्षा, रोजगार एवं नेतृत्व भूमिकाओं पर विश्लेषण प्रस्तुत किया।ट्रस्ट की सदस्य पूजा श्रीवास्तव ने अपने प्रेरक भाषण में कहा कि नई सदी में महिलाएं पीड़ित नहीं हैं, बल्कि परिवर्तन की शक्ति हैं।ऋतु राठौर ने युवतियों को संबोधित करते हुए कहा। द्वितीय सत्र में ‘स्वयंसिद्धा सम्मान’ समारोह का आयोजन किया गया। इस सत्र में सामाजिक कार्य, शिक्षा, चिकित्सा, कानूनी सेवा, पत्रकारिता, कला, संगीत, बैंकिंग एवं व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए 64 प्रख्यात महिलाओं को सम्मानित किया गया।प्रत्येक सम्मानित को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।इस मौके पर कानूनी क्षेत्र मे एडवोकेट भारती सिंह एवं एडवोकेट सूरभि त्रिपाठी,सामाजिक कार्य मेअमिता सिंह, अनिता पाठक, अंजनी मौर्य, आराधना सिंह, आशा नंदा, बबीता राज, बंदना मौर्य, बीना श्रीवास्तव, इंद्रावती, ज्योति बत्रा, खुशबू शर्मा, ममता साहू, मंजू मौर्य, नाजिश फातिमा, ओमवती, पल्लवी वर्मा, पूजा वर्मा, पूनम पांडेय, रंजना शुक्ला, रानू सिंह, रीना श्रीवास्तव, रेनू सिंह (दोनों), रेशमा बानो, ऋतु सिंह राठौर, रोशनी यादव, साक्षी वासवानी, संगम यादव, सत्य प्रभा, सरिता सिंह, सीमा सिंह, शिवानी सिंह, श्यामा शर्मा, उषा विद्यार्थी, ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर एवं पर्यावरण अभियान में अंजुला पाठक, अर्चना सिंह, अर्चना गोस्वामी, डॉ. अलका सिंह, डॉ. ममता सिंह, डॉ. नीरजा पांडेय, डॉ. रचना श्रीवास्तव, कहकशां अय्यूब, किरण दीवेदी, ममता सिंह, निशि विद्यार्थी, प्रिया त्रिपाठी, विभा पांडेय।चिकित्सा सेवा मे डॉ. आकांक्षा सिंह,बैंकिंग सेवा: डॉ. अदिति सिंह,पत्रकारिता मे ज्योति जायसवाल,कुमकुम भाग्य,मिताली रस्तोगी,व्यवसाय मे कमलेश आनंद,कला (चित्रकला) मे नसीम जहरा,संगीत मे रमा वर्मा (बांसुरी वादन),सपना बंसल के अलावा सुनीता पाठक (सांस्कृतिक), सुनीता सिंह (ट्रेड यूनियन सेवा) सहित
कई सम्मानित महिलाओं ने धन्यवाद भाषण दिए, जिसमें उन्होंने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।इस मौके पर साधना सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शहीद भगत सिंह के आदर्शों से प्रेरित महिलाओं की शक्ति का उत्सव है।कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार सी बी भारती, आर डी आनंद, आशाराम जागरथ, नीरज सिन्हा नीर, रामदास सरल, बृजेश श्रीवास्तव, मांडवी सिंह, नीलम मध्यान, अखिलेश सिंह, वाहिद अली, अनंत सिंह सहित बड़ी संख्या में ट्रस्ट के सदस्य, साहित्य-संस्कृतिकर्मी, पत्रकार और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

