समाज के प्रति संवेदनशील और जागरूक युवा ही देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं:डॉ. अनुराधा त्रिपाठी
लखनऊ (आर एल पाण्डेय)। चरक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, मौरा, लखनऊ में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की ईकाई एक के अंतर्गत आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता तथा लोकतांत्रिक सहभागिता की भावना को विकसित करना था।
शिविर के दौरान विभिन्न विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जल संरक्षण एवं पौधारोपण, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, SVEEP के अंतर्गत मतदाता जागरूकता एवं छात्र नामांकन अभियान, वेस्ट मैनेजमेंट (Wastology) पर कार्यशाला, लिम्फेटिक फाइलेरिया उन्मूलन पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम तथा योग, खेलकूद एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर विशेष सत्र शामिल रहे। एनएसएस स्वयंसेवकों ने संस्थान के दत्तक ग्राम मौरा में जाकर ग्रामीणों के बीच भी जागरूकता अभियान चलाया।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को महिला सशक्तिकरण एवं जल संरक्षण विषयों पर आधारित फिल्म और डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गईं, जिससे उन्हें सामाजिक मुद्दों के प्रति प्रेरणा एवं जागरूकता प्राप्त हुई।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. अनुराधा त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता और सेवा भाव को विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति संवेदनशील और जागरूक युवा ही देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिविर के समापन दिवस को सांस्कृतिक दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आरजे पुनीत ने विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र आयोजित करते हुए संवाद कौशल एवं आत्मविश्वास निर्माण के महत्व पर अपने विचार साझा किए। सांस्कृतिक समिति के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पूरे शिविर का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सतीश चंद्रा के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकगण एवं स्वयंसेवकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।यह शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक सेवा, नेतृत्व क्षमता तथा सामुदायिक सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

