भक्तों को नहीं करना चाहिए धन व पद का अभियान – आचार्य शिवम् शुक्ला

भक्तों को नहीं करना चाहिए धन व पद का अभियान – आचार्य शिवम् शुक्ला

(डॉ अजय तिवारी जिला संवाददाता)

अयोध्या।मिल्कीपुर क्षेत्र के कहुआ गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन कथा प्रवाचक शिवम शुक्ला महाराज ने गोवर्धन पूजा और रूक्मिणी मंगल की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान के भक्तों को कभी भी न तो धन का अभिमान करना चाहिए और न पद का अभिमान करना चाहिए, अभिमान भगवान का आहार है और अभिमानी को भगवान छोड़ते भी नहीं है।भगवान कहते हैं कि जिसके ऊपर मैं कृपा करना चाहता हूं उसकी जिस चीज में आशक्ति होती है उसे वह छीन लेते हैं। आचार्य ने कहा कि लोग शरीर से व्रत करते हैं लेकिन मन वासनाओं में लगा रहता है जो पूर्ण नहीं होता। शरीर, मन और बुद्धि से व्रत करने पर ही व्रत पूर्ण और फलदाई होता है।आचार्य ने कहा कि भगवान ने देवराज इन्द्र का अभिमान भी चूर किया और क्षमा भी कर दिया। विवाह की कथा सुनाते हुए प्रवाचक ने कहा कि रुक्मिणी मन ही मन श्री कृष्ण से विवाह करना चाहती थीं, लेकिन रूकिमणी का भाई रूक्मी श्री कृष्ण से शत्रुता रखता था। रुक्मि ने शिशुपाल के साथ विवाह निश्चित किया था। रुक्मिणी का पत्र मिलने के बाद अंतत: श्री कृष्ण ने रूक्मी को युद्ध में परास्त करके रुक्मिणी से विवाह किया।इस मौके पर मुख्य यजमान रामावती तिवारी, रोहित तिवारी तथा यमराज धाम पीठाधीश्वर गुरु माँ संयोगिता, शिव सेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता, विधायक चंद्र भानु पासवान , तपश्वी छावनी पीठाधीश्वर अचार्य परमहँस, महंत धर्मदास महाराज, पवन कुमार महाराज, समाजसेवी राजन पांडेय,विनोद पांडेय, कपिल पांडेय आदि भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।

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