एकता में बल
लक्ष्मी आर्य
गरुड़, उत्तराखंड
साथ मिलकर कदम बढ़ाएं,
एकता में बोल फिर बढ़ाएं,
एक साथ रहती नीव हमारी,
हौसले से कदम सभी बढ़ाएं,
मिलकर जब हम साथ चलेंगे,
एकता में फिर बल बढ़ाएंगे,
हर पल हम बढ़ते जाएंगे,
फिर रोक न हमें कोई पाएंगे,
हर पल हम मिलकर संग रहेंगे,
फिर एकता में बल बढ़ाएंगे।।
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