नाबालिग से दरिंदगी के मामले में अदालत ने दोषी को सुनाया 9 वर्ष का कारावास और 50 हजार का जुर्माना
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोलह वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुई छेड़छाड़ और बदसलूकी के गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।यह फैसला न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया है।उन्होंने अमानवीय कृत्य के लिए आरोपी पवन को नौ साल की कठोर कैद की सजा सुनाते हुए पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।जिसमें से पच्चीस हजार रुपये की आधी राशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर प्रदान की जाएगी।फैसला आते ही पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए दोषी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया।बताते चले कि यह घटना 6 सितंबर 2024 को उस समय हुई थी जब नाबालिग पीडिता किसी काम से घर से बाहर गई थी,तभी आरोपी पवन ने उसे अकेला पाकर बुरी नीयत से दबोचकर घिनौनी हरकत करने की कोशिश की।लेकिन उस समय किशोरी ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी आबरू बचाने के लिए जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया।उसकी चीख-पुकार सुनकर दरिंदा घबरा गया और वारदात को बीच में ही छोड़कर मौके से भाग खड़ा हुआ।घटना के बाद पीड़िता के पिता ने स्थानीय थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और पुलिस में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।पुलिस ने भी बिना कोई देरी किए मामले की गंभीरता को समझा और गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी।हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में किसी तरह के दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी,लेकिन अदालत ने छेड़छाड़ और सरेआम कपड़े अमानवीय हरकत को बेहद संगीन जुर्म मानते हुए सभी साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।

