मोबाइल के बढ़ते उपयोग से बढ़ रही दूरियां, “अंतर पीढ़ीगत जुड़ाव” कार्यक्रम में जागरूकता पर जोर
सुल्तानपुर-बल्दीराय तहसील क्षेत्र में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार एवं समाज कल्याण विभाग सुल्तानपुर द्वारा संचालित मानव उत्थान समिति लखनऊ के तत्वावधान में “अंतर पीढ़ीगत जुड़ाव” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मोबाइल फोन के अत्यधिक प्रयोग से परिवार और समाज में बढ़ती दूरियों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता व राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष मेराज अहमद ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी मोबाइल की लत में इस कदर डूबती जा रही है कि वह अपने परिवार और समाज से कटती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में सामाजिक रिश्तों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
वहीं समाज सेविका व एफपीओ की डायरेक्टर सुधा सिंह ने बताया कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखें और उन्हें खेलकूद व रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करें।
हॉली विज़न पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर इंजीनियर निहाल अहमद ने कहा कि मोबाइल शिक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन इसकी अधिकता छात्रों के ध्यान और पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव डालती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित उपयोग और अनुशासन अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम बल्दीराय ब्लॉक के अरवल, गौरा-बरामऊ, सैनी, अशरफपुर, बिरधौरा और आलियाबाद में नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मोबाइल के सीमित उपयोग और पारिवारिक जुड़ाव को बढ़ाने का संकल्प लिया।

