हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है: गिरीश चंद्र यादव
स्कूल चलो अभियान का आगाज़, रैली से गूंजा शहर — शत-प्रतिशत नामांकन पर जोर
जौनपुर,04 अप्रैल। यूपी के जौनपुर में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के तहत ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा डायट परिसर में आयोजित समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव रहे, जबकि जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने अध्यक्षता की और मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन के साथ अभियान की शुरुआत की।
कार्यक्रम में बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं मुख्यमंत्री द्वारा वाराणसी से अभियान के शुभारंभ का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर बच्चों का नामांकन किया गया तथा उन्हें निशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफॉर्म और बैग वितरित किए गए। इसके बाद ‘स्कूल चलो रैली’ निकाली गई, जिसे मंत्री व सीडीओ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरते हुए पुनः डायट परिसर पहुंचकर समाप्त हुई।
रैली में छात्र-छात्राएं और शिक्षक “सब पढ़ें, सब बढ़ें”, “आधी रोटी खाएंगे, स्कूल जरूर जाएंगे” जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक करते नजर आए। बैंड-बाजे और सजे रथों के साथ निकली इस रैली ने पूरे शहर में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश फैलाया।
मुख्य अतिथि गिरीश चंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि “हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कोई भी बच्चा आर्थिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।”उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी पढ़ाई में रुचि लें।
उन्होंने आगे कहा कि परिषदीय विद्यालयों में अब बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं—जैसे निशुल्क किताबें, यूनिफॉर्म, मिड-डे मील और डिजिटल शिक्षा की पहल—जिससे गरीब से गरीब परिवार का बच्चा भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।“शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों के भविष्य को संवारती है और समाज को मजबूत बनाती है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए घर-घर जाकर नामांकन सुनिश्चित किया जाए। अभियान का पहला चरण 15 अप्रैल तक तथा दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि ड्रॉपआउट और दिव्यांग बच्चों के नामांकन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

