ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद : गाजियाबाद नगर निगम ने हाउस टैक्स की संशोधित दरें लागू कर दी हैं। निगम प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि पहले से जमा बढ़ी हुई राशि को आगामी तीन वर्षों में समायोजित किया जाएगा।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के अनुसार, 2024 से पहले लागू दरों की तुलना में नई दरों के तहत सभी छूटों के बाद आवासीय संपत्तियों पर केवल 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी। यदि कोई छूट नहीं ली जाती है, तो यह वृद्धि अधिकतम लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
प्रमुख प्रावधान:
पहले से बढ़ी दरों पर जमा किए गए टैक्स को तीन वर्षों में समायोजित किया जाएगा
एक सप्ताह के भीतर पोर्टल पर नई दरें अपडेट होंगी
तीन महीने तक बकायेदारों को 12% ब्याज से राहत दी गई है
भवन की आयु के आधार पर छूट जारी रहेगी:
10 वर्ष तक: 25% छूट
10–20 वर्ष: 32.5% छूट
20 वर्ष से अधिक: 40% छूट
अतिरिक्त छूट:
ऑनलाइन भुगतान पर 2% छूट
कूड़ा पृथक्करण करने पर 10% अतिरिक्त छूट
निगम की 20% विशेष छूट को भी तीन महीने के लिए बढ़ाया गया है
उदाहरण:
24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित ‘A’ श्रेणी के भवनों के लिए पहले 1.45 रुपये प्रति वर्ग फुट टैक्स था, जिसे 2024-25 में बढ़ाकर 4.00 रुपये किया गया था। नई दरों के तहत इसे घटाकर 3.40 रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिया गया है।
हालांकि, व्यावसायिक संपत्तियों के टैक्स को लेकर अभी निगम ने स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की है।

