अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्ति कुंज हरिद्वार द्वारा शताब्दी समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है समय सारणी जारी
देश की उपासना ब्यूरो
हरिद्वार : अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्ति कुंज हरिद्वार द्वारा शताब्दी समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है जिसमें शताब्दी समारोह के रूप में मनाया जाएगा यह आयोजन दिनांक 14 जनवरी से शुरू होकर दिनांक 24 जनवरी 2026 तक चलेगा जिसमें सभी शांति कुंज से जुड़े हुए गुरु भाई बहनों से अपील है कि निर्धारित कार्यक्रम का विवरण चार्ट जनहित में प्रकाशित किया गया है समय और कार्यक्रम की जानकारी कर लाभ उठाएं


गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।।
अर्थ : “हम उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे।”
यह मंत्र ब्रह्मांड के प्रकाशमान स्रोत सूर्य/परमात्मा से प्रार्थना करता है कि वह हमारी बुद्धि को ज्ञान और सही दिशा की ओर प्रकाशित करे, जिससे हम जीवन के सभी दुखों को पार कर सकें और परम आनंद प्राप्त कर सकें।
मंत्र के शब्दों का अर्थ:
ॐ (Om): आदि ध्वनि, परमेश्वर।
भूः (Bhur): भौतिक लोक, प्राणों का आधार।
भुवः (Bhuvaḥ): मानसिक लोक, दुःख विनाशक।
स्वः (Svaḥ): आध्यात्मिक लोक, सुखस्वरूप।
तत् (Tat): वह (ईश्वर)।
सवितुः (Savitur): सूर्य, सृष्टिकर्ता, प्रकाशक।
वरेण्यं (Vareṇyaṁ): वरण करने योग्य, सर्वश्रेष्ठ।
भर्गो (Bhargo): तेज, दिव्य प्रकाश, पाप नाशक।
देवस्य (Devasya): दिव्य, देव स्वरूप।
धीमहि (Dhīmahi): हम ध्यान करें, धारण करें।
धियो (Dhiyo): बुद्धि।
यो (Yo): जो।
नः (Naḥ): हमारी, हम सब।
प्रचोदयात् (Prachodayāt): प्रकाशित करे, प्रेरित करे, सन्मार्ग दिखाए।
प्रणाम