अब सड़क पर रंगबाजी की तो 6 घंटे रहेंगे हवालात में : एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर

गोरखपुर गोरखपुर जिले में सड़क हो या गांव-गली, अगर रंगबाजी किए तो हवालात में छह घंटे गुजारने ही होंगे। अगर यह सोचते हैं कि पुलिस शांतिभंग (151) में कार्रवाई करेगी और खड़े-खड़े जमानत पा लेंगे तो ऐसा अब नहीं चलेगा। थानों में इस तरह के चल रहे खेल को एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने खुद पकड़ा है। एसएसपी ने इस प्रभावी धारा पर संदेश देने वाली कार्रवाई का आदेश भी जारी कर दिया है। अब पुलिस उत्पात मचाकर थाने आने वाले को हवालात में रखकर सबक सिखाएगी। वहीं, पुलिस की ओर से लापरवाही पाई गई तो उन पर भी कार्रवाई तय है। यही वजह है कि इसकी माॅनीटरिंग खुद एसएसपी कर रहे हैं। सड़क पर मारपीट, उत्पात मचाने, आपसी विवाद में मारपीट हो या फिर सात साल से कम सजा वाले मामले में पुलिस रोजाना औसतन 50 से ज्यादा लोगों का शांतिभंग में चालान करती है। इस कार्रवाई के बाद भी एसएसपी के पास आए लोग कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगे हैं। मामला बढ़ने पर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने समीक्षा की तो पाया गया कि पुलिस इस कार्रवाई की सिर्फ खानापूरी कर रही है। मसलन, किसी को पकड़कर लाया गया तो उसे 10 मिनट बाद ही चालान कर रवाना कर दिया गया और फिर वह जमानत हासिल करके घर चला जाता है। इस तरह के मामले सामने आने के बाद एसएसपी ने सभी थानेदारों और अफसरों की समीक्षा बैठक कर निर्देश जारी किया कि 151 की कार्रवाई को प्रभावी बनाया जाए। अगर, हवालात में आरोपी समय गुजारेंगे, तब ही अपराध छोटा होने पर भी उसके मन में सजा का डर होगा।
23 अप्रैल 2023 : पिपराइच इलाके में कलश विसर्जन के दौरान छेड़खानी और मारपीट की घटना हुई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन शांतिभंग में चालान कर दिया। उन्हें हवालात में ही नहीं रखा गया था। यही वजह थी कि पुलिस पर आरोप लगा और फिर एसएसपी के सख्ती के बाद तीन आरोपी पकड़े गए और जेल भेजे गए थे।
26 अप्रैल 2023 : राजघाट इलाके में सपा उम्मीदवार शहाब अंसारी और निर्दलीय उम्मीदवार तारीक हसन के समर्थकों ने हाथापाई की थी। पुलिस ने दोनों उम्मदवारों को पकड़ा और एक रात हवालात में दोनों ने गुजारा और फिर अगले दिन शांतिभंग में चालान किया गया। इसका असर रहा कि इसके बाद विवाद की सूचना इनके पीछे नहीं आई। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि शांतिभंग पुलिस की सबसे प्रभावी धारा है, जिससे अपराध की शुरुआत करने वालों को ही सजा का एहसास कराया जा सकता है। लेकिन, पुलिस इसे हल्के में ले रही थी और आरोपी तुरंत ही जमानत पा जा रहे थे। सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि शांतिभंग में प्रभावी कार्रवाई की जाए।

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