हिजाब पहनने से इन्कार करने पर ईरानी पुलिस के हाथों मारी गई युवती महशा अमीनी की मौत के चालीसवें दिन देश के कई शहरों में लोग फिर सड़कों पर उतर आए। तेहरान में प्रदर्शनों को रोकने के लिए दंगारोधी पुलिस तैनात की गई है।
इस्लाम में मौत के चालीसवें दिन शोक मनाने की प्रथा है। ईरान के उत्तर-पशिचम में स्थित अमीनी के गृहनगर साकेज में सैकड़ों लोग मृत कार्यकर्ता की कब्र पर उमड़ पड़े। इस मौके पर लोगों ने तानाशाह मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अमीनी की हत्या ने ईरान में इस दशक के सबसे बड़े सरकार विरोधी आंदोलन को जन्म दिया है। सरकारी मीडिया ने घोषणा की, ईरान के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में सभी स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे।
अमेरिका ने ईरान पर कसा तंज
अमेरिका ने ईरान पर तंज कसते हुए रूस पर बोला है। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि हम चिंतित हैं कि रूस ईरान को महसा अमिनी के समर्थन में हो रहे विरोध प्रदर्शन दबाने के लिए सलाह दे सकता है क्योंकि मॉस्के के पास खुले प्रदर्शनों को दबाने का व्यापक अनुभव है। साथ ही कहा कि ईरान को हमारा संदेश स्पष्ट है, लोगों को मारना बंद करो और यूक्रेन के लोगों को मारने वाले रूस को हथियार भेजना बंद करो।

