इतिहासविद् अजय सिंह ‘गुरु जी’ व रजनी श्रीवास्तव ‘निशा’ सम्मानित
काव्य-कार्यशाला में साहित्य की बारीकियों पर हुआ मंथन
बाराबंकी। कमला नारायण ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश की ओर से पूर्वज साहित्यकार पूज्य बाबा स्व. डॉ. अवधेश प्रकाश शर्मा एवं पं. नागेश्वर दत्त पाण्डेय की स्मृति में काव्य-कार्यशाला एवं साहित्य सेवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। समारोह में साहित्य मनीषी अजय सिंह ‘गुरु जी’ एवं साहित्य सेविका श्रीमती रजनी श्रीवास्तव ‘निशा’ को राज्यमंत्री सतीश चन्द शर्मा ने साहित्य सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि “किसी भी समाज की पहचान केवल उसकी भौतिक प्रगति से नहीं, बल्कि उसकी भाषा, साहित्य और संस्कृति से होती है। साहित्यकार समाज की संवेदनाओं को शब्द देते हैं और अपनी रचनाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को संस्कार, चेतना और दिशा प्रदान करते हैं। साहित्य की यह साधना हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने के साथ समाज को जोड़ने का भी काम करती है।” उन्होंने सम्मानित साहित्यकारों के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में साहित्यकारों एवं कवियों ने साहित्य की वर्तमान भूमिका, रचनात्मक चेतना तथा समाज में साहित्य के योगदान पर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने का सशक्त माध्यम है। समारोह में जिला प्रभारी/एमएलसी अवनीश सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा, राम बहादुर मिश्रा, प्रदीप सारंग, अंबरीश अम्बर, सुनील वर्मा, डॉ. परमात्मा मौर्य, ललित शर्मा सहित बड़ी संख्या में कविगण, साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।
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राज्यमंत्री ने सुनीं फरियादें
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने रविवार को मंसारा क्षेत्र के नई सड़क तिराहा स्थित अपने निजी आवास पर जनसुनवाई की। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने राशन कार्ड, इंटरलॉकिंग, हाईमास्ट, नाली निर्माण समेत अन्य समस्याएं रखीं। राज्यमंत्री ने फरियादियों की समस्याएं एक-एक कर सुनीं और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और उचित समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान कुछ मामलों में विवाद और शिकायतों के निस्तारण में देरी को लेकर राज्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को फटकार भी लगाई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को त्वरित और पारदर्शी तरीके से सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मिलकर आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

