इमरान पर हमले की जांच के लिए गठित होगी JIT, गृह मंत्रालय ने दिया आदेश

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हुए हमले की जांच के लिए उच्च स्तरीय संयुक्त जांच दल (जेआईटी) का गठन किया जाएगा। इसको लेकर पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने पंजाब प्रांत की सरकार को निर्देश दिए हैं।

गुरुवार देर रात जारी एक बयान के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने इस मुद्दे पर पंजाब सरकार को पत्र लिखा है। इस पत्र में जांच आयोग में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और खुफिया विभाग के अधिकारियों को शामिल करने को कहा गया है। वहीं, इस मामले में केंद्र की ओर से पूरी मदद का आश्वास दिया गया है।

बता दें, पंजाब के वजीराबाद शहर के अल्लाहवाला चौक के पास इमरान खान को गोली मार दी गई। इस हमले में इमरान के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां व खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। उधर, घटना के बाद भीड़ ने हमलावर को पकड़ लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।

हमलावर का बयान लीक मामले में पुलिस अधिकारी निलंबित
इमरान खान पर हमला करने वाले हमलावर का बयान लीक मामले में पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री परवेज इलाही ने पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही ने इमरान खान पर ‘हकीकी आजादी मार्च’ के दौरान हमला करने वाले संदिग्ध व्यक्ति के कबूलनामे को सार्वजनिक करने के प्रकरण पर संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक (आईजी) को जांच के आदेश और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया। संदिग्ध का कबूलनामा लीक होने के बाद, थाना प्रभारी और संबंधित पुलिस थाने के अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि थाने के कर्मचारियों के सभी मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और उन्हें फोरेंसिक ऑडिट के लिए भेजा जाएगा।

लाहौर से इमरान का पीछा कर रहा था हमलावर 
दरअसल, हमलावर ने अपने बयान में कहा कि वह लाहौर से इमरान का पीछा कर रहा है और उनकी हत्या की योजना बना रहा था। उसने कहा, इमरान खान जनता को गुमराह कर रहे हैं। उसने कहा, ‘‘मैंने उन्हें मारने की पूरी कोशिश की। मैं सिर्फ इमरान खान को मारना चाहता था और किसी को नहीं।

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