ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद : निटरा टेक्निकल कैंपस (NTC), गाजियाबाद में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ एंड देयर एप्लीकेशन्स (ICETA-2026) का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने किया। सम्मेलन का उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन सत्र की शुरुआत निटरा के चेयरमैन श्री विदित जैन द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया।
निटरा के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) एम. एस. परमार ने अपने स्वागत संबोधन में मुख्य अतिथि एवं सभी विशिष्ट अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए निटरा की अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उन्नत वस्त्र प्रौद्योगिकी, सतत विकास और न्यू-एज फाइबर्स के क्षेत्र में निटरा के कार्यों को देश के प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय वस्त्र मंत्री द्वारा भी सराहा गया है। उन्होंने बताया कि निटरा टेक्निकल कैंपस कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वस्त्र प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ मिलकर नवाचार को बढ़ावा दे रहा है तथा संस्थान के अनेक छात्र और प्राध्यापक इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए निटरा टेक्निकल कैंपस के निदेशक प्रो. (डॉ.) बी. के. शर्मा एवं उनकी टीम को बधाई दी।
निटरा टेक्निकल कैंपस के निदेशक प्रो. (डॉ.) बी. के. शर्मा ने कहा कि ICETA-2026 उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने, अनुसंधान आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों एवं युवा शोधकर्ताओं में नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बताया कि संस्थान के छात्र अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति के अंतर्गत विभिन्न नवाचार परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU), लखनऊ के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. पी. पाण्डेय ने वर्चुअल माध्यम से मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए निटरा के नवाचार, अनुसंधान उत्कृष्टता और उद्योग सहभागिता के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी पाठ्यक्रमों में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं ताकि तकनीकी रूप से दक्ष युवा तैयार होकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।
सम्मेलन के दौरान सी-डैक, दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार श्री अरविंद कुमार तथा कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया (CSI), गाजियाबाद चैप्टर के पूर्व चेयरमैन श्री सौरभ अग्रवाल ने उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल ट्रस्ट, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
उद्घाटन समारोह का प्रमुख आकर्षण ICETA-2026 ‘बुक ऑफ एब्स्ट्रैक्ट्स’ का विमोचन रहा, जिसे मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने लोकार्पित किया। इस अवसर पर सम्मेलन के प्रमुख सहयोगी SSC NASSCOM, C-DAC, Computer Society of India (CSI), A2Z Publications तथा DrillBit को सम्मानित किया गया। साथ ही अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निटरा और सी-डैक के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए।
अपने उद्घाटन संबोधन में मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर सुरक्षा और नवाचार आधारित उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और युवा नवाचारकर्ताओं से तकनीकी उत्कृष्टता, अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल परिवर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और स्टार्टअप नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्री श्री शर्मा ने इस सफल आयोजन के लिए प्रो. (डॉ.) जे. पी. पाण्डेय, प्रो. (डॉ.) एम. एस. परमार तथा प्रो. (डॉ.) बी. के. शर्मा सहित पूरी आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन किसी भी शैक्षणिक संस्थान और राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होते हैं।
उद्घाटन सत्र का समापन निटरा के उपनिदेशक श्री विवेक अग्रवाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, सहयोगी संस्थाओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्रों का शुभारंभ सी-डैक, दिल्ली के श्री जितेन्द्र सिंह, लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा की प्रो. (डॉ.) कुमुद सक्सेना तथा जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा के प्रो. (डॉ.) अंकित विद्यार्थी के मुख्य व्याख्यानों से हुआ। वक्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन, उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की नवाचार प्रवृत्तियों पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में विभिन्न शोध पत्र प्रस्तुत किए गए तथा तकनीकी विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
सम्मेलन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के श्री तारा शंकर तथा DrillBit के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट श्री अभ्याश सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और उपयोगिता को और अधिक समृद्ध बनाया।

