एक पेड़ दस पुत्र समान

प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना। मानव के जीवन को सुखी, सम्रद्ध व संतुलित बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण का अपना विशेष महत्व है। मानव सभ्यता का उदय तथा इसका आरंभिक आश्रय भी प्रकृति अर्थात वन वृक्ष ही रहे हैं। मानव को प्रारम्भ से प्रकृति द्वारा जो कुछ प्राप्त होता रहा है। उसे निरन्तर प्राप्त करते रहने के लिए वृक्षारोपण अति आवश्यक है। उक्त बातें बरसठी के खंड शिक्षा अधिकारी शशांक सिंह ने प्राथमिक विद्यालय बरसठी द्वितीय विकास क्षेत्र बरसठी जौनपुर में वृक्षारोपण आयोजित कार्यक्रम में वृक्षारोपण के महत्व को बताते हुए विकास खंड बरसठी में परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक पौधरोपण का आह्वान किया।
उन्होंने कहाकि आजकल नगरों तथा महानगरों में छोटे-बड़े उद्योग–धंधों की बाढ़ से आती जा रही है। इनसे धुआं, तरह-तरह के विषैली गैसें आदि निकलकर वायुमंडल में फेल कर हमारे पर्यावरण में भर जाती है। पेड़ पौधे इन विषैली गैसों को वायुमंडल में फैलने से रोक कर पर्यावरण को प्रदूषित होने से रोकते हैं। यदि हम चाहते हैं कि हमारी यह धरती प्रदूषण रहित रहे तथा इस पर निवास करने वाला मानव सुखी व स्वस्थ बना रहे तो हमें पेड़-पौधों की रक्षा तथा उनके नवरोपण की ओर ध्यान देना चाहिए।
खंड शिक्षा अधिकारी बरसठी ने कहा कि यदि हम वृक्ष-शून्य की स्थिति की कल्पना करें तो उस स्थिति में मानव तो क्या समुची जीव सृष्टि की दशा ही बिगड़ जाएगी। इस स्थिति से बचने के लिए वृक्षारोपण करना अत्यंत आवश्यक है।
उक्त अवसर जिला संगठन मंत्री अश्वनी कुमार सिंह, ब्लाक अध्यक्ष संतोष सिंह, शंकर कुमार,प्रतिमा गिरी,चन्दा देवी, नगीना देवी, कुमुद सिंह आदि लोग उपस्थित रहे

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