एल.पी.एस. के बच्चों ने बढ़ाया मान
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ।आज आई. सी. एस. ई. (कक्षा10) व आई. एस. सी. (कक्षा 12) के वर्ष 2024-25 के परीक्षा परिणाम जारी किये गए,जिसमें आई. सी. एस. ई. के 227 छात्र-छात्राओं ने 90% से अधिक अंक तथा आई. एस. सी. के 151 छात्र-छात्राओंने 90% से अधिक अंक प्राप्त किये I आई. एस.सी. में एल.पी.सी. ए-ब्लाक शाखा के अथर्व रस्तोगी98.75%, अभिनव तिवारी 98.5%, शीजान तारिक 98.5%, ख़ुशी सिंह 97.5% तथा सहारा स्टेट्सशाखा के मो. साकिब 97.75%, अविशी श्रीवास्तव 97.50%, तथा अर्याही सिंह ने 97.25% अंक प्राप्त कियेI आई. सी. एस. ई. में सहारा स्टेट्स की पूर्वी पाण्डेय 98.2%, कनिक कटियार 98%, वंशिका श्रीवास्तव97.8% तथा ए-ब्लॉकशाखा की रिद्धिमा शुक्ला 98%, कार्तिकेय तिवारी 97.4% तथा संगम पटेल ने 97.2% अंक अर्जित कियेI
बानी चावला के जज़्बे को सलाम – दृष्टिबाधित होते हुए भी ICSE 2025 में 95.4% अंक हासिल किए
हौसले अगर बुलंद हों तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती – इस कथन को सच कर दिखाया है लखनऊ पब्लिक कॉलेज सहारा स्टेट्स शाखा की दृष्टिबाधित छात्रा बानी चावला ने। बानी ने ICSE 2025 बोर्ड परीक्षा में 95.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
बानी जन्म से नेत्रहीन हैं, लेकिन उन्होंने कभी इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और माता-पिता व शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने ये असाधारण उपलब्धि प्राप्त की। उनकी लगन और संघर्ष की यह कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो किसी न किसी रूप में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
विद्यालय प्रशासन और शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों ने बानी चावला की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
“बानी जैसी छात्राएं समाज को यह सिखाती हैं कि सच्ची ताकत आँखों में नहीं, आत्मा और संकल्प में होती है,” – एक शिक्षक ने कहा।
बानी की यह उपलब्धि दिखाती है कि अगर जज्बा हो तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं होती।
इस अवसर पर लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेज के चेयरमैन सांसद डॉ. एस.पी. सिंहने सभी प्रतिभाशाली छात्रों को बधाई दी और कहा कि,”इन विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर यहसफलता हासिल की है। यह न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे संस्थान के लिए गर्व काविषय है।”डॉ. सिंह ने प्रधानाचार्यों,शिक्षकों और अभिभावकों का आभारप्रकट करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की इस उपलब्धि में उनके मार्गदर्शन और सहयोगकी अहम भूमिका रही है।

