🕉️🚩 श्री गणेश महोत्सव का भव्य विसर्जन समारोह संपन्न 🚩🕉️
झाँसी नहर पुल पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ गणपति विसर्जन
कानपुर नगर | 20 सितंबर 2026, रविवार
श्री गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर आज 20 सितंबर 2026, रविवार को झाँसी नहर पुल पर गणपति विसर्जन का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आयोजन किया गया। भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन श्री अनिल माथुर जी के नेतृत्व में निकट क्षेत्र के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति में विधि-विधान और धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
विसर्जन कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भगवान श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना के पश्चात भक्तों ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से गणपति बप्पा को विदाई दी। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक वातावरण बना रहा तथा उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश जी से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार एवं समाज के कल्याण की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में एएलसी प्रतिनिधि श्री अनिल माथुर, राष्ट्रीय युवा वाहिनी नेशनल वालंटियर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सरवन ठाकुर, प्रदेश प्रभारी श्रीमती सोनिया रानी, बीना शर्मा, निशु कश्यप, पूजा, पूजा दिवाकर, धर्मेंद्र दिवाकर, रोशनी कश्यप, राहुल, अशोक, लक्ष्मी, शिवम, अजय, मीना, रेखा, सरिता, वैशाली सहित अनेक क्षेत्रीय सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्री अनिल माथुर ने भगवान श्री गणेश जी की महिमा पर रखा विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अनिल माथुर जी ने कहा कि भगवान श्री गणेश जी सनातन परंपरा में प्रथम पूज्य देव माने जाते हैं। किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में भगवान गणेश जी का स्मरण और पूजन करने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि गणेश महोत्सव की परंपरा महाराष्ट्र से व्यापक रूप से लोकप्रिय हुई और आज यह पर्व भारत के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ विश्व के अनेक देशों में भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान गणेश जी को बुद्धि, विवेक, शुभारंभ और विघ्नों के निवारण का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भगवान श्री गणेश जी का पूजन करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है तथा भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं।
श्री माथुर ने कहा कि गणेश महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक संस्कार, आपसी भाईचारे और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का भी अवसर है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है।
श्रद्धा के साथ दी गई गणपति बप्पा को विदाई
विसर्जन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश जी के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा से अगले वर्ष पुनः आने की प्रार्थना करते हुए कहा—
“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने आयोजन की सफलता के लिए एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं तथा भगवान श्री गणेश जी से समाज में सुख-शांति, समृद्धि, सद्भाव एवं मंगल की कामना की।
श्रवण कुमार
क्राइम ब्यूरो, कानपुर नगर

