गीता प्रवचन स्वाध्याय का 87वाँ सप्ताह सफलतापूर्वक सम्पन्न : अमित परमार
देश की उपासना ब्यूरो
जौनपुर:गीता प्रवचन स्वाध्याय का 87वाँ सप्ताह ऑनलाइन माध्यम से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस सत्र में गीता अध्याय 15 के अंतर्गत “पूर्णयोग : सर्वत्र पुरुषोत्तम दर्शन” विषय पर चिंतन किया गया। श्री अमित परमार द्वारा विषय का प्रवेश कराया गया।
30 मिनट के इस साप्ताहिक स्वाध्याय में स्वाध्याय परिवार की ओर से विभिन्न वक्ताओं द्वारा विषय का सरल, व्यावहारिक और गहन विवेचन प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्म विद्या मंदिर, पवनार से आदरणीय ज्योत्सना दीदी द्वारा मंगलाचरण के साथ किया गया।
इसके पश्चात पिंकी जी ने अपने विचार रखते हुए बताया कि गीता का पंद्रहवाँ अध्याय सभी पूर्व अध्यायों का सार है, जिसमें जीवन के शास्त्र और सिद्धांतों की पूर्णता निहित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रयास और भक्ति अलग नहीं हैं, बल्कि एक ही साधना के दो रूप हैं, और साधना की सफलता के लिए भक्ति अत्यंत आवश्यक है।
इसके पश्चात श्री करुणेश राय ने अपने विचार रखते हुए रामायण के उदाहरण से समझाया कि रावण, कुंभकर्ण और विभीषण क्रमशः रजोगुण, तमोगुण और सत्त्वगुण के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि साधक को रज और तम का त्याग कर सत्त्वगुण को विकसित करना चाहिए तथा अंततः उससे भी आसक्ति छोड़कर अलिप्त और शुद्ध जीवन जीना चाहिए। साथ ही उन्होंने कमल के उदाहरण द्वारा यह समझाया कि मनुष्य को संसार में रहते हुए भी उससे निर्लिप्त रहना चाहिए।
वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि साधना की पूर्णता के लिए आत्मज्ञान और भक्ति दोनों का समन्वय आवश्यक है। केवल प्रयास या केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि सच्ची और निष्काम भक्ति के माध्यम से ही आत्मज्ञान की प्राप्ति संभव होती है।
आदरणीय रमेश भैया ने भूदान स्मृति यात्रा जों 25 मार्च 26 से आप ने साथियो के साथ शुरु किए है उसका समापन 18 अप्रैल 26 को पोचमपल्ली मे होगा जहा प्रो. संदीप और अमित परमार भी जुड़ेंगे | उन्होंने यात्रा का पूरा अपडेट साझा किए |
समापन सत्र में आदरणीय सुरेश गर्ग जी अपने मार्गदर्शन में यह संदेश दिया कि साधक को निरंतर जागरूक रहते हुए अहंकार और आसक्ति से मुक्त होकर निष्काम भाव से ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए। इसी मार्ग से जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति संभव है।
अंत में अमित परमार ने कार्यक्रम में जुड़े सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया और स्वाध्याय परिवार से नियमित रूप से जुड़े रहने का आह्वान किया।
यह साप्ताहिक स्वाध्याय प्रत्येक रविवार सायं 6:15 से 6:45 बजे ऑनलाइन आयोजित होता है। स्वाध्याय से जुड़ने के इच्छुक व्यक्ति मोबाइल नंबर 9670511153 अथवा ईमेल amitparmar47@gmail.com
के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।

