(चेन्नई)बीएसपी प्रदेश अध्यक्ष हत्याकांड: सीबीआई जांच में हो रही थी देरी, दो साल से जेल में बंद 5 आरोपियों को मिली जमानत

(चेन्नई)बीएसपी प्रदेश अध्यक्ष हत्याकांड: सीबीआई जांच में हो रही थी देरी, दो साल से जेल में बंद 5 आरोपियों को मिली जमानत
चेन्नई,18 सितंबर (आरएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की सनसनीखेज हत्या के मामले में चेन्नई की प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने इस मामले में जेल में बंद पांच आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी है.
इस याचिका पर चेन्नई प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट के जज कार्तिकेयन के समक्ष सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है. जांच पूरी होने के बाद अदालत में कानूनी मुकदमा कब शुरू होगा, इसकी कोई समय-सीमा तय नहीं है. ऐसे में आरोपियों को अनिश्चितकाल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता.
दलीलों को सुनने के बाद जज ने सुप्रीम कोर्ट के एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले का हवाला दिया. जज ने पॉइंट आउट किया कि देश की सर्वोच्च अदालत के मुताबिक यदि त्वरित सुनवाई न होने के कारण आरोपियों के मौलिक अधिकारों पर असर पड़ता है, तो केवल अपराध की गंभीरता या उसकी प्रकृति के आधार पर जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता. इसी संवैधानिक अधिकार के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली.
अदालत ने भले ही आरोपियों को जमानत दे दी है, लेकिन उन पर सख्त पाबंदियां भी लगाई हैं. जज द्वारा तय की गई शर्तों के अनुसार, सभी याचिकाकर्ताओं को हर दिन सुबह 10:00 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी. आरोपी इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह को डराने, धमकाने या भड़काने की कोशिश नहीं करेंगे.
आपको बता दें कि 5 जुलाई 2024 को बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की पेराम्बूर में उनके घर के पास ही एक अज्ञात भीड़ ने कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद पूरे देश की राजनीति में हड़कंप मच गया था.
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले के एक आरोपी तिरुवेंगड़म का एनकाउंटर कर दिया था, जबकि मुख्य आरोपी माना जाने वाला नागेंद्रन बीमारी के चलते दम तोड़ चुका है. बाद में दिवंगत बसपा अध्यक्ष की पत्नी पोरकोडी ने इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर यह पूरा मामला राज्य पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दिया गया था.
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