जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया है कि मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, समाज कल्याण अनुभाग-3 के शासनादेश द्वारा शैक्षिणिक सत्र 2026-27 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत अनु० जाति/अनु० जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों हेतु आनलाइन आवेदन से छात्रवृत्ति वितरण तक की समस्त कार्यवाही हेतु वर्ष 2026-27 के लिए विस्तृत समय सारिणी जारी की गयी है। जिसकी प्रक्रियात्मक कार्यवाही का विवरण निम्नवत है :-
शिक्षण संस्था द्वारा मास्टर डाटा तैयार करना- प्रदेश में स्थिति नवीन शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा बेस में सम्मिलित होने के लिये आवेदन करने की कार्यवाही शिक्षा विभाग/विश्वविद्यालय/एफिलियेटिंग एजेंसी के माध्यम से किया जाना तदोपरान्त जिला समाज कल्याण अधिकारी से पासवर्ड प्राप्त करना तथा मास्टर डाटा में पूर्व से सम्मिलित संस्थाओं द्वारा मास्टर डाटा तैयार किया जाना 22 जुलाई, 2026 से 15 अगस्त 2026 तक, विश्वविद्यालय/एफिलियेटिंग एजेंसी द्वारा फीस/सीटों आदि का सत्यापन किया जाना 23 जुलाई, 2026 से 30 अगस्त 2026 तक, मास्टर डाटा का सत्यापन, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अधिकारी द्वारा फीस/सीटों आदि का सत्यापन किया जाना 25 जुलाई, 2026 से 14 सितम्बर, 2026 तक, अल्पसंख्यक वर्ग हेतु एन0एस0पी0 पोर्टल पर पंजीकृत निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों की मार्किंग किया जाना 25 जुलाई, 2026 से 14 सितम्बर, 2026 तक, नवीनकरण छात्र/छात्राओं द्वारा आनलाइन आवेदन किया जाना 15 सितम्बर, 2026 से 15 अक्टूबर, 2026 तक, नवीन छात्र/छात्राओं द्वारा आनलाइन आवेदन किया जाना 15 सितम्बर, 2026 से 31 अक्टूबर, 2026 तक है।
शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु दशमोत्तर छात्रवृत्ति उच्च दशमोत्तर कक्षाओं हेतु जारी समय-सारिणी के अनुसार कार्यवाही किये जाने हेतु जनपद की समस्त शिक्षण संस्थाओं को अवगत कराया जाता है कि आनलाइन मास्टर डाटाबेस तैयार करने, सत्यापन, लॉक करनें एवं छात्रों को छात्रवृत्ति आवेदन समयान्तर्गत कराना सुनिश्चित करें ।
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जौनपुर 22 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-07
डिप्टी कमिश्नर इण्डस्ट्रीज आशुतोष सहाय पाठक ने अवगत कराया है कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के तर्ज पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों को विशिष्ट व्यंजन से पहचान दिलाने हेतु उ.प्र. सरकार द्वारा ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना प्रारम्भ की गयी। जिसका उद्देश्य चिन्हित व्यंजनों को प्रतिस्पर्धी बनाना, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग करके स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उक्त के क्रम में जनपद के चिन्हित व्यंजन (इमरती, एटमबम मिठाई, जौनपुर मूली) हैं, में कार्यरत/कार्य करने के इच्छुक व्यक्तियों को व्यंजन की उत्पादकता बढ़ाने, पैकेजिंग, फूड टेस्टिंग, व्यंजनों के शेल्फ लाइफ बढ़ाने हेतु आधुनिक उपकरण, कोल्ड चेन/कोल्ड स्टोरेज हेतु डीप फ्रीजर, क्लाउड किचन इत्यादि की स्थापना एवं अन्य ऐसे क्रिया-कलाप जो चिन्हित ओ.डी.ओ.सी. व्यंजन को प्रतिस्पर्धी बनाएं, के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
एक जनपद एक व्यंजन योजना के अंतर्गत जिसमें रू 25 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों हेतु कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम रु. 6.25 लाख जो भी कम हो, रू. 25 लाख से रू. 50 लाख तक की इकाइयों हेतु रू. 6.25 लाख अथवा परियोजना लागत का 20 प्रतिशत जो भी अधिक हो, रू. 50 लाख से रू. 150 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों हेतु रू. 10 लाख अथवा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत जो भी अधिक हो तथा रू. 150 लाख से अधिक की कुल परियोजना लागत की इकाईयों हेतु परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अधिकतम रू. 50 लाख जो भी कम हो, मार्जिन मनी के रुप में देय होगी।
सामान्य वर्ग के लाभार्थी द्वारा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान एवं विशेष श्रेणी (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान जमा करना होगा। परियोजना लागत में पूंजी व्यय (भूमि क्रय की लागत को छोड़कर) एवं कार्यशील पूंजी का एक चक्र शामिल होगा।
इच्छुक व्यक्ति जिनकी आयु कम से कम 18 वर्ष हो ऑनलाइन पोर्टल msme.up.gov.in पर अपना आवेदन कर सकते है। साथ ही विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय से किसी भी कार्यदिवस में संपर्क कर सकते हैं।
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जिला सूचना कार्यालय, जौनपुर द्वारा जारी

